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गर्मी के साथ उल्टी, दस्त और बुखार के बढ़े मरीज
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जौनपुर। गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पताल मरीजों से पट गए हैं। सुबह से ही अस्पतालों में मरीजों की कतार लग रही है। गर्मी के चलते नवजात शिशुओं में डायरिया और उल्टी दस्त की शिकायत अधिक मिल रही है। अस्पातालों में सुबह से मरीजों के दिखाने के लिए नंबर लगाने का सिलसिला शुरू हो जा रहा है। जिला अस्पताल में तो सुबह आठ बजे से पर्ची बनवाने के लिए लोगों की कतार लग रही है।
मौसम बदलने के साथ ही बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। अस्पतालों में उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की भरमार है। मलेरिया के मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। गर्मी के कारण नवजात शिशुओं में पानी की कमी के चलते डायरिया की समस्य खड़ी रही है। शहर के अधिकांश अस्पतालों में हर बेड पर पानी का बाटल लटकाए मरीज पड़े हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. मुकेश शुक्ल का कहना है कि पानी की कमी होने के कारण इस समय कोई भी डायरिया की चपेट में आ सकता है। खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डायरिया की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सक से मिलकर इलाज शुरु कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले सौ मरीजों में पचास फीसदी बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं। कुथ बच्चों में मलेरिया की शिकायत भी मिल रही है। उन्होंने गर्मी बढ़ने के साथ खान पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खान पाने में थोड़ी से गड़बड़ी होने पर कोई भी डायरिया की चपेट में आ सकता है।
मौसम बदलने के साथ ही बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। अस्पतालों में उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की भरमार है। मलेरिया के मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। गर्मी के कारण नवजात शिशुओं में पानी की कमी के चलते डायरिया की समस्य खड़ी रही है। शहर के अधिकांश अस्पतालों में हर बेड पर पानी का बाटल लटकाए मरीज पड़े हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. मुकेश शुक्ल का कहना है कि पानी की कमी होने के कारण इस समय कोई भी डायरिया की चपेट में आ सकता है। खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डायरिया की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सक से मिलकर इलाज शुरु कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले सौ मरीजों में पचास फीसदी बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं। कुथ बच्चों में मलेरिया की शिकायत भी मिल रही है। उन्होंने गर्मी बढ़ने के साथ खान पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खान पाने में थोड़ी से गड़बड़ी होने पर कोई भी डायरिया की चपेट में आ सकता है।
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