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जफराबाद में शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:10 AM IST
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जाफराबाद। कस्बे में अतिक्रमण को हटाने का सिलसिला बुधवार को शुरू हो गया। अतिक्रमण के कारण बाजार में कई स्थानों पर दो चार पहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया। लोक निर्माण विभाग ने लोगों को कई बार नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने को कहा था। चिन्हीकरण भी कर निशान भी लगा दिया गया। उसके बाद कुछ लोगों ने स्वत: ही अतिक्रमण हटा लिया था। लेकिन बाकी लोग कब्जा हटाने में रुचि नहीं ले रहे थे। इसी बात को लेकर कस्बे निवासी संजय सेठ ने हाईकोर्ट जनहित याचिका दायर कर कस्बे को अतिक्रमण से मुक्त करने की मांग किया था। कोर्ट ने जिलाधिकारी को कस्बे के मुख्य बाजार की सड़क की चौड़ाई 18 फिट सुनिश्चित कराकर कोर्ट में हलफनामा देने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को तहसीलदार सदर ज्ञानेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार मान्धाता सिंह, लोकनिर्माण विभाग के मदन कुमार चतुर्वेदी, ईओ आशुतोष तिवारी, बृजमोहन, वेदप्रकाश, राजमन, महेंद्र कुमार के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। थानाध्यक्ष पर्वकुमार सिंह,मय फ़ोर्स मौजूद रहे। वहीं, मछलीशहर क्षेत्र के करियांव गांव में बुधवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर अतिक्रमण हटवाने गई राजस्व अधिकारियों की टीम महिला पुलिस के अभाव में बिना अतिक्रमण हटवाए ही वापस लौट आई। राजस्व अधिकारियों के वापस आते ही अतिक्रमणकर्ता अपने मड़हे को आग के हवाले करते हुए हल्का लेखपाल की मोबाइल छीन लिया। उक्त गांव निवासी महेश का आरोप है कि उनकी भूमिधरी आराजी पर गांव के ही अमरावती पत्नी नन्हकू, महेंद्र, रविंद्र, नरेंद्र पुत्रगण नन्हकू एवं रोहित पुत्र नरेंद्र आदि द्वारा कब्जा कर लिया गया। पीड़ित ने अधिकारियों के यहां मामले के निस्तारण का प्रयास किया किंतु सफलता नहीं मिली तो हाईकोर्ट की शरण लिया। कोर्ट के निर्देश के बाद छ: माह पूर्व तत्कालीन तहसीलदार संतोष कुमार सोनकर ने मौके पर जाकर कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए अतिक्रमण हटवा दिया था। किंतु कुछ माह बाद उक्त लोगों ने जमीन पर दोबारा कब्जा कर लिया। बुधवार को उपजिलाधिकारी जेएन सचान, सीओ विजय सिंह, तहसीलदार केके मिश्रा एवं राजस्व निरीक्षक पुट्टी लाल यादव अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर गए। किंतु महिलाओं द्वारा हस्तक्षेप करने और महिला पुलिस के मौजूद नहीं होने के कारण अधिकारी बिना अतिक्रमण हटवाए ही वापस लौट आए। लेखपाल का कहना है कि राजस्व अधिकारियों की टीम के वापस आते ही अतिक्रमणकर्ता ने उक्त जमीन पर रखे मड़हे को फूंक दिया और मौक़े पर उनकी मोबाईल छीन ली। जिससे वह तत्काल जानकारी राजस्व निरीक्षक को नहीं दे सके। बाद में मोबाईल वापस मिलने पर अधिकारियों को घटना की सूचना दी।
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