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कर्मचारियों की हड़ताल से बूंद-बूंद पानी को तरसे 23 हजार लोग
Updated Tue, 27 Nov 2018 11:51 PM IST
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जौनपुर। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से पूरे नगर की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई। जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया। वहीं 23 हजार से अधिक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए। कारण कर्मचारियों ने मंगलवार की हड़ताल में पानी की सप्लाई बंद कर दिया और सड़क पर झाड़ू नहीं लगाए। जिसकी वजह से बदबू फैल गई और लोगों को काफी परेशानी हुई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। लाइन बाजार थाने में दो सभासदों के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज कराया गया है। उधर सभासदों ने भी जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपा।
नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों का आरोप है कि 15 नवंबर को कुछ सभासदों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपशब्द कहे और चप्पल से दौड़ाकर मारने की धमकी दी। इसके विरोध में 19 नवंबर से नगर पालिका के कर्मचारी धरने पर बैठ गए। नगर पालिका का कामकाज ठप हो गया। अधिकारियों के कार्यालय में भी ताले लग गए। कर्मचारियों ने मांग किया था कि सभासदों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कार्रवाई न होने पर मंगलवार को कर्मचारियों ने पानी की सप्लाई बंद कर दी और सफाई कार्य नहीं कराज्ञ्या। जिसकी वजह से जहां हजारों लोग पानी के लिए तरस गए। वहीं 39 वार्डों में कूड़े नहीं उठे। प्रतिदिन 82 मीट्रिक टन कूूड़ा शहर में निकलता है। कूड़े की गंदगी से लोग परेशान रहे। नगर पालिका परिषद में धरना स्थल पर अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विनय प्रकाश सिंह ने कर्मचारियों को समझाया बुझाया। जिसके बाद कर्मचारियों ने अधिकारियों के आश्वासन पर एक सप्ताह के लिए अपना धरना स्थगित कर दिया। उधर कर्मचारियों की तहरीर पर लाइन बाजार थाने में दो सभासदों के खिलाफ धमकी देने और गाली गलौज करने का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया है। धरने को स्वायत शासन कर्मचारी संगठन के महामंत्री संजय पाठक ने संबोधित करते हुए कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो एक सप्ताह बाद फिर धरना शुरू होगा। कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक सीबी सिंह, महामंत्री चंद्रशेखर सिंह, अशोक कुमार, संजय चौधरी, लालजी सिंह, कमरूद्दीन, निजामुद्दीन आदि ने संबोधित किया।
इनसेट--
सभासदों ने सौंपा डीएम को ज्ञापन
जौनपुर। सभासदों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बैठक थी। जिसमें सभासदों ने अशोभनीय व्यवहार करने पर आपत्ति जताई। इसके विरोध में नगर पालिका कर्मचारी कार्यालय बंद कर हड़ताल पर बैठ गए। ऐसा उन्होंने अधिशासी अधिकारी के उकसावे में आकर किया। पिछले सप्ताह से कार्य बंदकर हड़ताल पर हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिशासी अधिकारी ने कोई नोटिस कर्मचारियों को नहीं दिया। सभासदों ने मांग किया कि हड़ताल की अवधि का वेतन कटौती किया जाए। उन्होंने कहा कि पानी एवं सफाई बंदकर कर्मचारियों ने जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में सभासद दी पक जायसवाल, विकास यादव, अंजू, फैसल, कृष्ण कुुमार, शिव कुमार मौर्य, संजीव भारती, शहनवाज आलम, नंदलाल, अंकित सिंह, शकुंतला आदि प्रमुख हैं।
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नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों का आरोप है कि 15 नवंबर को कुछ सभासदों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपशब्द कहे और चप्पल से दौड़ाकर मारने की धमकी दी। इसके विरोध में 19 नवंबर से नगर पालिका के कर्मचारी धरने पर बैठ गए। नगर पालिका का कामकाज ठप हो गया। अधिकारियों के कार्यालय में भी ताले लग गए। कर्मचारियों ने मांग किया था कि सभासदों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कार्रवाई न होने पर मंगलवार को कर्मचारियों ने पानी की सप्लाई बंद कर दी और सफाई कार्य नहीं कराज्ञ्या। जिसकी वजह से जहां हजारों लोग पानी के लिए तरस गए। वहीं 39 वार्डों में कूड़े नहीं उठे। प्रतिदिन 82 मीट्रिक टन कूूड़ा शहर में निकलता है। कूड़े की गंदगी से लोग परेशान रहे। नगर पालिका परिषद में धरना स्थल पर अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विनय प्रकाश सिंह ने कर्मचारियों को समझाया बुझाया। जिसके बाद कर्मचारियों ने अधिकारियों के आश्वासन पर एक सप्ताह के लिए अपना धरना स्थगित कर दिया। उधर कर्मचारियों की तहरीर पर लाइन बाजार थाने में दो सभासदों के खिलाफ धमकी देने और गाली गलौज करने का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया है। धरने को स्वायत शासन कर्मचारी संगठन के महामंत्री संजय पाठक ने संबोधित करते हुए कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो एक सप्ताह बाद फिर धरना शुरू होगा। कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक सीबी सिंह, महामंत्री चंद्रशेखर सिंह, अशोक कुमार, संजय चौधरी, लालजी सिंह, कमरूद्दीन, निजामुद्दीन आदि ने संबोधित किया।
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सभासदों ने सौंपा डीएम को ज्ञापन
जौनपुर। सभासदों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बैठक थी। जिसमें सभासदों ने अशोभनीय व्यवहार करने पर आपत्ति जताई। इसके विरोध में नगर पालिका कर्मचारी कार्यालय बंद कर हड़ताल पर बैठ गए। ऐसा उन्होंने अधिशासी अधिकारी के उकसावे में आकर किया। पिछले सप्ताह से कार्य बंदकर हड़ताल पर हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिशासी अधिकारी ने कोई नोटिस कर्मचारियों को नहीं दिया। सभासदों ने मांग किया कि हड़ताल की अवधि का वेतन कटौती किया जाए। उन्होंने कहा कि पानी एवं सफाई बंदकर कर्मचारियों ने जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में सभासद दी पक जायसवाल, विकास यादव, अंजू, फैसल, कृष्ण कुुमार, शिव कुमार मौर्य, संजीव भारती, शहनवाज आलम, नंदलाल, अंकित सिंह, शकुंतला आदि प्रमुख हैं।
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