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उत्पीड़न रोकने के लिए महिलाएं ले कानून का सहारा
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:23 AM IST
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जौनपुर। महिला सामाख्या की जिला कार्यक्रम समन्वयक रजनी सिंह ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकार के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। घरेलू हिंसा को रोकने के लिए सरकार ने तमाम कानून बनाए हैं। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति आगे होना होगा। वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा डोर टू डोर विधिक साक्षरता अभियान के किरन समिति मछलीशहर में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थी। घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 से महिलाओं को अवगत कराते हुए कहा कि आज महिलाओं के लिए सरकार संवेदनशील है। उनके लिए प्रभावशाली कानून बना है। लेकिन जानकारी की कमी के कारण महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित है। सही जानकारी प्राप्त कर महिलाएं अपने सामाजिक, आर्थिक, स्थिति में साकारात्मक सुधार ला सकती हैं। उन्होंने बाल विवाह, महिला अशिक्षा से होने वाली परेशानियों, लिंगानुपात समानता, बेमेल विवाह, संपत्ति पर बेटियों का अधिकार, कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न निषेध अधिनियमन 2013 , किशोरियों को गुड टच बैड टच समेत विभिन्न पहलुओं को विस्तार से बताया। इस मौके पर संनो राय, उषा शर्मा, रेखा मौर्या, सुषमा, सुनीता, गायत्री, बल्ली, शकुंतला, विद्या, चिन्ता, राजकुमारी, सहित किरन महासमिति मछलीशहर की समस्त महिलाऐं उपस्थित रही।