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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का किया पारण
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:49 AM IST
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जौनपुर। सूर्योपासना का महापर्व छठ बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त हो गया। व्रत रखने वाली महिला और पुरुषों ने नदी और जलाशयों के पानी में खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्ध्य देने के लिए भोर में चार बजे से घाटों पर महिलाओं के पहुंचने का सि लसिला शुरू हो गया। गीत गाते हुए महिलाएं प्रसाद लेकर नदी और जलाशयों के घाटों पर पहुंची।
गोमती नदी सहित अन्य नदियों एवं जलाशयों के घाट भक्ति गीतों से गूंजते रहे। व्रती महिलाएं भोर में ही स्नान आदि करके नए वस्त्र धारण करने के बाद प्रसाद के साथ घाटों पर पहुंची। आस्था और संस्कार के छठ पर्व पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया है। अर्ध्य देने के साथ ही परिवार और संतान के कल्याण के लिए भगवान सूर्य से मिन्नतें मांगी। चार दिनों से चल रहे छठ व्रत का बुधवार को समापन हो गया। व्रती महिलाओं के हाथों में सूप में प्रसाद के साथ भक्ति में डूबी नजर आई। हाथ में प्रसाद का सूप तो दूसरे हाथ में जलता हुआ दीपक लेकर घर वापस लौटी। घर लौटने के बाद घर के अलावा पास पड़ोस में लोगों को ठेकुआ से प्रसाद वितरित किया।
रात में उठकर की पूजा की तैयारी
जौनपुर। छठ व्रत रखने वाली महिलाओं ने रात दो बजे ही उठकर प्रसाद सजाने के साथ पूजा के सामान को जुटाने में लग गई थी। स्नान आदि करके चार बजे भोर में ही पूजा स्थल और घाट के लिए निकल दिए। कुछ महिलाएं तो चार बजे के करीब घाट पर पहुंच चुकी थी। महिलाओं के साथ बच्चें भी घाटों पर जाने में पीछे नहीं रहे।
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भगवान भाष्कर को चढाया प्रसाद
जौनपुर। आस्था और विश्वास के पर्व डाला छठ पर व्रती महिलाओं ने भगवान को अर्ध्य देने के बाद प्रसाद चढ़ाया। बाजार में एक दिन पहले ही केला, सेव, अनार, बड़ा वाला नीबू, कंद, गन्ना के अलावा अन्य फल भी चढ़ाकर पूजा की। छठ माता के लिए बनाया गया विशेष प्रसाद ठेकुआ भी चढ़ाया।
घाटों पर रहा मेले जैसा माहौल
जौनपुर। डाला छठ पर्व पर बुधवार को सुबह घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। भगवान भाष्कर को अर्ध्य देने के बाद महिलाएं काफी खुश नजर आ रही थी। कुछ महिलाओं ने पूजा के दौरान परिवार
के साथ घाट पर फोटो खिचाने के बाद सेल्फी भी लेते देखी गई।
अर्ध्य देने के लिए लगी रही होड़
जौनपुर। घाट पर भीड़ होने के कारण अर्ध्य देने के लिए घाटों पर भीड़ लगी रही। मान्यता है कि पानी में खड़े होकर ही अर्ध्य देना है। इस नाते भी हर कोई नदी और जलाशय के पानी तक पहुंचना चाह रहा था। धक्का मुक्की के बीच किसी तरह लोगों ने भगवान भाष्कर को अर्ध्य दिया।
दोपहर तक प्रसाद बांटने का सिलसिला
जौनपुर। छठ व्रत के समापन और घाट से पूजा करके वापस लौटने के बाद बुधवार को प्रसाद बांटने का सिलसिला शुरू हुआ। व्रती महिलाओं ने पास पडोस के लोगों के घर भी प्रसाद पहुंचाया। रविवार का नहायखाय के साथ शुरू हुआ चार दिनी पर्व बुधवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ समाप्त हो गया।
हे छठ मइया पहली बार रखनी वरतिया तोहार
जौनपुर। डाला छठ का पर्व बुधवार को ग्रामीण इलाकों में भी श्रद्धा के साथ मनाया गया। उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ व्रत खत्म हो गया। बुधवार को सरोवर व नदी के किनारे सूर्य को अर्ध्य देने के लिए व्रति महिलाओं की भीड़ रही।
सतहरिया: मुंगराबादशाहपुर के प्रतापगढ़ रोड पर स्थित झलियावा तालाब पर छठ पर्व के समापन पर व्रती महिलाएं भोर में पहुंच कर उगते सूर्य को अर्ध्य दिया। परिवार और बच्चों को सुख समृद्धि की कामना की।सूर्य देव को दूध व जल से अध्य देकर अपने व्रत का पारण किया। व्रत के समापन के दौरान व्रती महिलाओं में नीलम पाण्डेय, सुनीता जायसवाल, रेनू, मधुबाला,रीतू आदि सामूहिक रूप से छठ मइया की स्तुति में भाव पूर्ण गीत प्रस्तुत किया। छठ मइया की गीतों से समूचा तालाब परिसर गुंजायमान हो गया।
बदलापुर: सूर्य के आराधना का पर्व बुधवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ खत्म हो गया। रात से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। बुधवार की सुबह जैसे ही सूर्य देव के दर्शन हुए श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर उन्हें कच्चे दूध से अर्घ्य दिया। परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने सिंदूर लगाकर सदा सुहागन रहने की आशीर्वाद लिया। पोखरा पर ढोल- नगाड़े की थाप पर युवाओं के साथ बुजुर्ग भी जमकर थिरकते रहे। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजन का समापन हो गया। इस दौरान घाट पर सीमा सिंह, नीलम सिंह, वदंना, ज्योति निगम, आराध्य जायसवाल, रुबी आदि मौजूद थी। भलुआही पोखरा पर मोबाइल से सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। बच्चे हों या बड़े, लड़के हों या लड़कियां। सभी अपने-अपने ग्रुप के साथ घाटों के इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने में लगे हुए थे। पूजा स्थलों के आस-पास आतिशबाजी हो रही थी। सेल्फी लेकर लोग खुशी के मारे झूम रहे थे।
जफराबाद: नगर पंचायत में स्थित नाव घाट गोमती तट पर बुधवार को विश्व शांति समिति के तत्वाधान में छठ पूजा संपन्न हुआ। संस्थापक पंडित भैयालाल मिश्र ने विधि विधान के साथ छठ पूजा को संपन्न कराया। नदी तट के दोनों छोर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्रित थी। समाजसेवी रतन सिंह परमार ने बुधवार को रात नगर पंचायत के सफाई कर्मियों की लापरवाही को देखते हुए स्वयं से देर रात तक सफाई अभियान चलाकर घाट तथा आसपास पूजा स्थल को साफ सुथरा किए। पूछे जाने पर रतन ने कहा कि पूर्व में ही घाट तथा उसके आसपास सफाई के लिए लिखित तौर पर जफराबाद के अधिशासी अधिकारी तथा नगर पंचायत अध्यक्ष को पत्र दिए जाने के बावजूद भी घाट की साफ सफाई नहीं कराई गई। जाफराबाद पुलिस की काफी कड़ी बंदोबस्त व्यवस्था थी। जफराबाद के केवटों द्वारा छोटी नाव के माध्यम से लगातार नदियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहरा दिया जा रहा था। उगते सूर्य को भैया लाल मिश्र व अन्य ने अर्ध्य दिया। इस दौरान विश्व शांति समिति के पदाधिकारी जय हिंद सेठ, विकास सेठ,राम बसावन अग्रहरी, रामेश्वर बरनवाल, विजय जायसवाल, रामचंद्र मिश्र आदि उपस्थित रहे।
बरईपार: सुजानगंज ब्लाक के घघरिया गांव में तालाब के किनारे तीन दिन के व्रत के बाद आज उगते हुए सूर्य को अर्घ देने के बाद ब्रती महिलाें ने व्रत का समापन किया। व्रत पूर्ण होने के बाद महिलाओं ने लोगों में प्रसाद का वितरण किया। समाजसेवी देवेश कुमार सिंह ने 101 गरीबों में कंबल का वितरण किया। इस अवसर पर निलेश सिंह, शिवराज सिंह, योगेंद्र यादव, राम प्रताप सिंह, सर्वेश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन सर्वेश कुमार सिंह ने किया। देवेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया।
गोमती नदी सहित अन्य नदियों एवं जलाशयों के घाट भक्ति गीतों से गूंजते रहे। व्रती महिलाएं भोर में ही स्नान आदि करके नए वस्त्र धारण करने के बाद प्रसाद के साथ घाटों पर पहुंची। आस्था और संस्कार के छठ पर्व पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया है। अर्ध्य देने के साथ ही परिवार और संतान के कल्याण के लिए भगवान सूर्य से मिन्नतें मांगी। चार दिनों से चल रहे छठ व्रत का बुधवार को समापन हो गया। व्रती महिलाओं के हाथों में सूप में प्रसाद के साथ भक्ति में डूबी नजर आई। हाथ में प्रसाद का सूप तो दूसरे हाथ में जलता हुआ दीपक लेकर घर वापस लौटी। घर लौटने के बाद घर के अलावा पास पड़ोस में लोगों को ठेकुआ से प्रसाद वितरित किया।
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रात में उठकर की पूजा की तैयारी
जौनपुर। छठ व्रत रखने वाली महिलाओं ने रात दो बजे ही उठकर प्रसाद सजाने के साथ पूजा के सामान को जुटाने में लग गई थी। स्नान आदि करके चार बजे भोर में ही पूजा स्थल और घाट के लिए निकल दिए। कुछ महिलाएं तो चार बजे के करीब घाट पर पहुंच चुकी थी। महिलाओं के साथ बच्चें भी घाटों पर जाने में पीछे नहीं रहे।
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भगवान भाष्कर को चढाया प्रसाद
जौनपुर। आस्था और विश्वास के पर्व डाला छठ पर व्रती महिलाओं ने भगवान को अर्ध्य देने के बाद प्रसाद चढ़ाया। बाजार में एक दिन पहले ही केला, सेव, अनार, बड़ा वाला नीबू, कंद, गन्ना के अलावा अन्य फल भी चढ़ाकर पूजा की। छठ माता के लिए बनाया गया विशेष प्रसाद ठेकुआ भी चढ़ाया।
घाटों पर रहा मेले जैसा माहौल
जौनपुर। डाला छठ पर्व पर बुधवार को सुबह घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। भगवान भाष्कर को अर्ध्य देने के बाद महिलाएं काफी खुश नजर आ रही थी। कुछ महिलाओं ने पूजा के दौरान परिवार
के साथ घाट पर फोटो खिचाने के बाद सेल्फी भी लेते देखी गई।
अर्ध्य देने के लिए लगी रही होड़
जौनपुर। घाट पर भीड़ होने के कारण अर्ध्य देने के लिए घाटों पर भीड़ लगी रही। मान्यता है कि पानी में खड़े होकर ही अर्ध्य देना है। इस नाते भी हर कोई नदी और जलाशय के पानी तक पहुंचना चाह रहा था। धक्का मुक्की के बीच किसी तरह लोगों ने भगवान भाष्कर को अर्ध्य दिया।
दोपहर तक प्रसाद बांटने का सिलसिला
जौनपुर। छठ व्रत के समापन और घाट से पूजा करके वापस लौटने के बाद बुधवार को प्रसाद बांटने का सिलसिला शुरू हुआ। व्रती महिलाओं ने पास पडोस के लोगों के घर भी प्रसाद पहुंचाया। रविवार का नहायखाय के साथ शुरू हुआ चार दिनी पर्व बुधवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ समाप्त हो गया।
हे छठ मइया पहली बार रखनी वरतिया तोहार
जौनपुर। डाला छठ का पर्व बुधवार को ग्रामीण इलाकों में भी श्रद्धा के साथ मनाया गया। उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ व्रत खत्म हो गया। बुधवार को सरोवर व नदी के किनारे सूर्य को अर्ध्य देने के लिए व्रति महिलाओं की भीड़ रही।
सतहरिया: मुंगराबादशाहपुर के प्रतापगढ़ रोड पर स्थित झलियावा तालाब पर छठ पर्व के समापन पर व्रती महिलाएं भोर में पहुंच कर उगते सूर्य को अर्ध्य दिया। परिवार और बच्चों को सुख समृद्धि की कामना की।सूर्य देव को दूध व जल से अध्य देकर अपने व्रत का पारण किया। व्रत के समापन के दौरान व्रती महिलाओं में नीलम पाण्डेय, सुनीता जायसवाल, रेनू, मधुबाला,रीतू आदि सामूहिक रूप से छठ मइया की स्तुति में भाव पूर्ण गीत प्रस्तुत किया। छठ मइया की गीतों से समूचा तालाब परिसर गुंजायमान हो गया।
बदलापुर: सूर्य के आराधना का पर्व बुधवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ खत्म हो गया। रात से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। बुधवार की सुबह जैसे ही सूर्य देव के दर्शन हुए श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर उन्हें कच्चे दूध से अर्घ्य दिया। परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने सिंदूर लगाकर सदा सुहागन रहने की आशीर्वाद लिया। पोखरा पर ढोल- नगाड़े की थाप पर युवाओं के साथ बुजुर्ग भी जमकर थिरकते रहे। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजन का समापन हो गया। इस दौरान घाट पर सीमा सिंह, नीलम सिंह, वदंना, ज्योति निगम, आराध्य जायसवाल, रुबी आदि मौजूद थी। भलुआही पोखरा पर मोबाइल से सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। बच्चे हों या बड़े, लड़के हों या लड़कियां। सभी अपने-अपने ग्रुप के साथ घाटों के इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने में लगे हुए थे। पूजा स्थलों के आस-पास आतिशबाजी हो रही थी। सेल्फी लेकर लोग खुशी के मारे झूम रहे थे।
जफराबाद: नगर पंचायत में स्थित नाव घाट गोमती तट पर बुधवार को विश्व शांति समिति के तत्वाधान में छठ पूजा संपन्न हुआ। संस्थापक पंडित भैयालाल मिश्र ने विधि विधान के साथ छठ पूजा को संपन्न कराया। नदी तट के दोनों छोर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्रित थी। समाजसेवी रतन सिंह परमार ने बुधवार को रात नगर पंचायत के सफाई कर्मियों की लापरवाही को देखते हुए स्वयं से देर रात तक सफाई अभियान चलाकर घाट तथा आसपास पूजा स्थल को साफ सुथरा किए। पूछे जाने पर रतन ने कहा कि पूर्व में ही घाट तथा उसके आसपास सफाई के लिए लिखित तौर पर जफराबाद के अधिशासी अधिकारी तथा नगर पंचायत अध्यक्ष को पत्र दिए जाने के बावजूद भी घाट की साफ सफाई नहीं कराई गई। जाफराबाद पुलिस की काफी कड़ी बंदोबस्त व्यवस्था थी। जफराबाद के केवटों द्वारा छोटी नाव के माध्यम से लगातार नदियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहरा दिया जा रहा था। उगते सूर्य को भैया लाल मिश्र व अन्य ने अर्ध्य दिया। इस दौरान विश्व शांति समिति के पदाधिकारी जय हिंद सेठ, विकास सेठ,राम बसावन अग्रहरी, रामेश्वर बरनवाल, विजय जायसवाल, रामचंद्र मिश्र आदि उपस्थित रहे।
बरईपार: सुजानगंज ब्लाक के घघरिया गांव में तालाब के किनारे तीन दिन के व्रत के बाद आज उगते हुए सूर्य को अर्घ देने के बाद ब्रती महिलाें ने व्रत का समापन किया। व्रत पूर्ण होने के बाद महिलाओं ने लोगों में प्रसाद का वितरण किया। समाजसेवी देवेश कुमार सिंह ने 101 गरीबों में कंबल का वितरण किया। इस अवसर पर निलेश सिंह, शिवराज सिंह, योगेंद्र यादव, राम प्रताप सिंह, सर्वेश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन सर्वेश कुमार सिंह ने किया। देवेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया।