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कुंड की नहीं हुई सफाई, मूर्ति विसर्जित कराने की तैयारी शुरु
Updated Wed, 07 Nov 2018 08:09 PM IST
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जौनपुर।विसर्जन कुंड की सफाई किए बगैर ही उसमें गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति की विसर्जित करने की तैयारी शुरु कर दी गई है। इन कुंडो में गुरूवार को गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति विसर्जित की जाएगी। इसके पहले इन कुंडो में मांग दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित की गई थी। इसके बाद न तो इस कुंड से पानी निकाला गया और प्रतिमा के अवशेषों को भी कुंड के बाहर निकाल कर रख दिया गया है।
जिले में कुल 126 लक्ष्मी पूजा महा समिति है। इनके द्वारा कुल 85 स्थानों पर गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित की गई है। जिसमें शहर क्षेत्र में 65 और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित की गई है। इन मूर्ति को विसर्जित करने के लिए कुल चार स्थानों पर विसर्जन कुंड बनाया गया है। इन कुंडो की न तो सफाई की गई है। जिसमें उसमें मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के समय का पानी भरा था। जिसमें फिर पानी भरने का कार्य भी शुरु कर दिया गया है। इस दौरान सिंथेटिक के लेयर भी नहीं लगाए गए हैं। नगर पालिका द्वारा विसर्जन घाट पर गोमती नदी के किनारे मूर्ति विसर्जित कुंड बनाया गया है। जिसमें पानी भरकर मां दुुर्गा की मूर्ति विसर्जित कराई गई थी। इसके बाद उसमें से पानी हटाया गया और कुंड की सफाई भी नहीं कराई गई । उसी में फिर गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति विसर्जित करने के लिए पानी भर दिया गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र का कहना है कि दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद कुंड की सफाई कराई गई है। इसके बाद गणेश लक्ष्मी की मूर्ति विसर्जित कराने के लिए पानी भरने का कार्य किया जा रहा है।
इन स्थानों पर होगी मूर्ति विसर्जित
जौनपुर। गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति विसर्जित करने के लिए चार मूर्ति विसर्जित कुंड बनाए गए हैं, जहां मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। इसमें विसर्जन घाट, छुंछे घाट, प्रेमराजपुर, रामदयालगंज हैं।
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जिले में कुल 126 लक्ष्मी पूजा महा समिति है। इनके द्वारा कुल 85 स्थानों पर गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित की गई है। जिसमें शहर क्षेत्र में 65 और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित की गई है। इन मूर्ति को विसर्जित करने के लिए कुल चार स्थानों पर विसर्जन कुंड बनाया गया है। इन कुंडो की न तो सफाई की गई है। जिसमें उसमें मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के समय का पानी भरा था। जिसमें फिर पानी भरने का कार्य भी शुरु कर दिया गया है। इस दौरान सिंथेटिक के लेयर भी नहीं लगाए गए हैं। नगर पालिका द्वारा विसर्जन घाट पर गोमती नदी के किनारे मूर्ति विसर्जित कुंड बनाया गया है। जिसमें पानी भरकर मां दुुर्गा की मूर्ति विसर्जित कराई गई थी। इसके बाद उसमें से पानी हटाया गया और कुंड की सफाई भी नहीं कराई गई । उसी में फिर गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति विसर्जित करने के लिए पानी भर दिया गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र का कहना है कि दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद कुंड की सफाई कराई गई है। इसके बाद गणेश लक्ष्मी की मूर्ति विसर्जित कराने के लिए पानी भरने का कार्य किया जा रहा है।
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इन स्थानों पर होगी मूर्ति विसर्जित
जौनपुर। गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति विसर्जित करने के लिए चार मूर्ति विसर्जित कुंड बनाए गए हैं, जहां मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। इसमें विसर्जन घाट, छुंछे घाट, प्रेमराजपुर, रामदयालगंज हैं।
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