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राजकीय संप्रेक्षण गृह के लिए खोजी जा रही भूमि
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:49 AM IST
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जौनपुर। राजकीय संप्रेक्षण गृह के लिए जिले में भूमि तलाशी जा रही है। भूमि मिलने के बाद संप्रेषण गृह का निर्माण शुरू कर किया जाएगा। हालांकि इसके लिए अभी बजट नहीं मिला है।
जिले में संप्रेक्षण गृह नहीं है। जिससे कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों व किशोरियों को राजकीय संप्रेक्षण गृह वाराणसी व इलाहाबाद भेजा जा रहा है। ऐसे में किशोरों व किशोरियों के अभिभावकों व संबंधित अधिकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए महिला कल्याण निदेशालय ने जिले में राजकीय संप्रेक्षण गृह बनवाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर भूमि उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद जिले में राजकीय संप्रेक्षण गृह बनवाने के लिए कवायद तेज हो गई। जिला मुख्यालय पर भूमि उपलब्ध नहीं होने पर डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने केराकत ,मछलीशहर , मड़ियाहूँ , बदलापुर व शाहगंज के उपजिलाधिकारियों को पत्र भेजकर जमीन उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही बताया कि संप्रेक्षण गृह बनवाने के लिए न्यूनतम 8895 वर्गफीट भूमि होनी चाहिए। भूमि शहर क्षेत्र से सटी होनी चाहिए। जिसके बाद सभी एसडीएम अपने -अपने तहसील क्षेत्रों में भूमि खोजना शुरु कर दिया है। हलांकि अभी तक भूमि नहीं मिल सकी है।
जिले में संप्रेक्षण गृह नहीं है। जिससे कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों व किशोरियों को राजकीय संप्रेक्षण गृह वाराणसी व इलाहाबाद भेजा जा रहा है। ऐसे में किशोरों व किशोरियों के अभिभावकों व संबंधित अधिकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए महिला कल्याण निदेशालय ने जिले में राजकीय संप्रेक्षण गृह बनवाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर भूमि उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद जिले में राजकीय संप्रेक्षण गृह बनवाने के लिए कवायद तेज हो गई। जिला मुख्यालय पर भूमि उपलब्ध नहीं होने पर डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने केराकत ,मछलीशहर , मड़ियाहूँ , बदलापुर व शाहगंज के उपजिलाधिकारियों को पत्र भेजकर जमीन उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही बताया कि संप्रेक्षण गृह बनवाने के लिए न्यूनतम 8895 वर्गफीट भूमि होनी चाहिए। भूमि शहर क्षेत्र से सटी होनी चाहिए। जिसके बाद सभी एसडीएम अपने -अपने तहसील क्षेत्रों में भूमि खोजना शुरु कर दिया है। हलांकि अभी तक भूमि नहीं मिल सकी है।
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