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इमाम हुसैन ने कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया: मौलाना सफ़दर
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:48 AM IST
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जौनपुर। बेगमगंज स्थित मदरसे में इसाले सवाब की मजलिस आयोजित हुई। जिसमें सोजखानी रवि हसन एवं पेशखानी मुफ्ती मेंहदी ने किया।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि जो रोता नहीं वो मरा हुआ इंसान होता है, जो रोता है उसमें दयालुता व सहानुभूति होती हैं। उन्होंने कहा कि कर्बला में इस्लाम को बचाने के लिए इमाम हुसैन अ.स. ने अपने बहत्तर साथियों और परिजनों के साथ कुर्बानी दिया है जिसकी आज तक कहीं कोई मिसाल नहीं मिलती। आज इस्लाम इमाम हुसैन अ.स. की कुर्बानी की वजह से बाकी है। इस अवसर पर मौलाना सै. अहमद अब्बास, मौलाना आसिफ अब्बास, मौलाना सरवत हुसैन, सै. मोहम्मद मुस्तफा, इमदाद हुसैन, कैफी आब्दी, हसन मुस्तफा कायम आदि मौजूद रहे।
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मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि जो रोता नहीं वो मरा हुआ इंसान होता है, जो रोता है उसमें दयालुता व सहानुभूति होती हैं। उन्होंने कहा कि कर्बला में इस्लाम को बचाने के लिए इमाम हुसैन अ.स. ने अपने बहत्तर साथियों और परिजनों के साथ कुर्बानी दिया है जिसकी आज तक कहीं कोई मिसाल नहीं मिलती। आज इस्लाम इमाम हुसैन अ.स. की कुर्बानी की वजह से बाकी है। इस अवसर पर मौलाना सै. अहमद अब्बास, मौलाना आसिफ अब्बास, मौलाना सरवत हुसैन, सै. मोहम्मद मुस्तफा, इमदाद हुसैन, कैफी आब्दी, हसन मुस्तफा कायम आदि मौजूद रहे।