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इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में साक्ष्य का अभाव
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:56 AM IST
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जौनपुर। मोहम्मद हसन पीजी कालेज में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा संचार शोध एवं इलेक्ट्रानिक माध्यम विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसे संबोधित करते हुए माखन चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल के प्रोफेसर श्रीकांत सिंह ने कहा कि आज भी पत्रकार इलेक्ट्रानिक मीडिया ज्यादा प्रभावी हैं वे वे पहले अखबार एवं पत्रिकाओं में कार्य कर चुके हैं। प्रिंट मीडिया में प्रकाशित खबर को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। जबकि इलेक्ट्रानिक मीडिया में इसका अभाव है। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर को निर्भीक, निष्पक्ष व सत्यता के साथ रिपोटिंग करनी चाहिए। इसके लिए संवाददाता में पैनी दृष्टि समाचार की समझ विश्वसनीयता जनसंपर्क के गुण होनी चाहिए। डा. अब्दुल कादिर ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया समाज का सजग प्रहरी हैं। मीडिया के द्वारा ही हमें सूचनाएं मिलती हैं। इस मौके पर श्याम नारायण पांडेय, डा. दयानंद उपाध्याय, डा. राशिद, डा. नीलेश सिंह, डा. अमित जायसवाल, संतोष यादव, निसार अहमद, संजय सोनकर, सृष्टि सिंह, रविकांत, जूली आदि ने संबोधित किया। संचालन सायमा खान ने किया।