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व्यापारी सड़क पर उतरे, 40 करोड़ का कारोबार प्रभावित
Updated Sat, 29 Sep 2018 01:09 AM IST
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जौनपुर। जीएसटी, ई-फार्मेसी, एफडीआई, आनलाइन ट्रेडिंग, डीजल, पेट्रोल, गैस की कीमतों में वृद्धि आदि के खिलाफ प्रस्तावित भारत बंद के आह्वान पर शुक्रवार को जिले में भी बंदी का असर दिखा। सराफा, गल्ला, किराना, रेडीमेड गारमेंट, जनरल स्टोर और दवा की की दूकानें बंद रहीं। बंद के समर्थन में व्यापारमंडल और दवा कारोबारियों ने अलग अलग जुलूस निकाल कर सराकर विरोधी नारे लगाए। अपनी मांग से संबंधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। दूकानें बंद रहने से करीब 40 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। बंदी को सफल बनाने को लेकर व्यापारी संगठनों ने पहले से ही तैयारी की थी।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष इंदू सिंह, प्रांतीय मंत्री शकील अहमद की अगुवाई में व्यापारियों ने भंडारी रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाल पर पूरे शहर में भ्रमण किया। एफडीआई मुर्दाबाद, जीएसटी मुर्दाबाद, व्यापारी एकता जिंदाबाद और केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां अपनी मांग से संबंधित 13 सूत्री पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर जिला महामंत्री आरिफ हबीब, घनश्याम साहू, नगर अध्यक्ष अरुण शुक्ल, संजय श्रीवास्तव, अनिल सिंह आदि मौजूद थे। बंदी के चलते शहर के व्यस्ततम इलाका ओलंदगंज, कसेरीबाजार, चहारसू, हरलालका रोड, नवाब यूसूफ रोड, सुतहट्टी, कचहरी रोड, पालिटेक्निक आदि इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। छिटपुट दूकानें ही खुली थी। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शकील अहमद के नेतृत्व में दवा कारोबारियों के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांग से संबंधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। केमिस्ट एंड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजय यादव, दिलीप गुप्ता, राजेंद्र निगम के साथ दवा व्यापारियों ने शहर में भ्रमण कर दवा की दुकानों को बंद कराया। कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया। यहां धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के संरक्षक इंद्रभान सिंह इंदू ने कहा कि दवा व्यवसाय में आनलाइन व्यवसाय को मंजूरी से दवा व्यवसाय के ढांचे को ध्वस्त कर देग ा। यहां रितेश श्रीवास्तव, महेंद्र गुप्ता, सुभाष मौर्य, अश्वनी श्रीवास्तव, इरफान अहमद, सुनील चौरसिया आदि मौजूद थे।
डाक्टरों का पर्चा लेकर घूमते रहे लोग
जौनपुर। बंदी के चलते सबसे अधिक परेशानी मरीज और उनके तीमारदारों को हुई। मुंबई, लखनऊ और बीएचयू के डाक्टरों का पर्चा लेकर दवा के लिए लोग शहर में भटकते देखे गए। घग्घा चौराहे पर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर मुंबई के डाक्टर का पर्चा लेकर पहुंची फूलपुर गांव की सुजाता देवी ने बताया कि उनके पति का इलाज मुंबई के एक अस्पताल से हो रहा है। दवा खत्म हो गई है। शहर के गिने चुने मेडिकल स्टोर पर ही वद दवा मिलती है। वह बंद दवा की दूकान के सामने लगे बोर्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर फोन कर दवा देने के लिए प्रार्थना करती रही। कलीचाबाद के जहीर अहमद अपने पिता के लिए दवा लेने आए थे। उनका कहना है कि उनके पिता की हार्ट की सर्जरी बीएचयू में हुई है। दवा जरूरी है। खेतासराय के मुजावर खान और शंभूगंज के रामहित भी बाहर के डाक्टरों का पर्चा लेकर दवा की दूकानों के इर्द गिर्द भटकते देखे गए।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष इंदू सिंह, प्रांतीय मंत्री शकील अहमद की अगुवाई में व्यापारियों ने भंडारी रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाल पर पूरे शहर में भ्रमण किया। एफडीआई मुर्दाबाद, जीएसटी मुर्दाबाद, व्यापारी एकता जिंदाबाद और केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां अपनी मांग से संबंधित 13 सूत्री पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर जिला महामंत्री आरिफ हबीब, घनश्याम साहू, नगर अध्यक्ष अरुण शुक्ल, संजय श्रीवास्तव, अनिल सिंह आदि मौजूद थे। बंदी के चलते शहर के व्यस्ततम इलाका ओलंदगंज, कसेरीबाजार, चहारसू, हरलालका रोड, नवाब यूसूफ रोड, सुतहट्टी, कचहरी रोड, पालिटेक्निक आदि इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। छिटपुट दूकानें ही खुली थी। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शकील अहमद के नेतृत्व में दवा कारोबारियों के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांग से संबंधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। केमिस्ट एंड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजय यादव, दिलीप गुप्ता, राजेंद्र निगम के साथ दवा व्यापारियों ने शहर में भ्रमण कर दवा की दुकानों को बंद कराया। कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया। यहां धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के संरक्षक इंद्रभान सिंह इंदू ने कहा कि दवा व्यवसाय में आनलाइन व्यवसाय को मंजूरी से दवा व्यवसाय के ढांचे को ध्वस्त कर देग ा। यहां रितेश श्रीवास्तव, महेंद्र गुप्ता, सुभाष मौर्य, अश्वनी श्रीवास्तव, इरफान अहमद, सुनील चौरसिया आदि मौजूद थे।
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डाक्टरों का पर्चा लेकर घूमते रहे लोग
जौनपुर। बंदी के चलते सबसे अधिक परेशानी मरीज और उनके तीमारदारों को हुई। मुंबई, लखनऊ और बीएचयू के डाक्टरों का पर्चा लेकर दवा के लिए लोग शहर में भटकते देखे गए। घग्घा चौराहे पर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर मुंबई के डाक्टर का पर्चा लेकर पहुंची फूलपुर गांव की सुजाता देवी ने बताया कि उनके पति का इलाज मुंबई के एक अस्पताल से हो रहा है। दवा खत्म हो गई है। शहर के गिने चुने मेडिकल स्टोर पर ही वद दवा मिलती है। वह बंद दवा की दूकान के सामने लगे बोर्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर फोन कर दवा देने के लिए प्रार्थना करती रही। कलीचाबाद के जहीर अहमद अपने पिता के लिए दवा लेने आए थे। उनका कहना है कि उनके पिता की हार्ट की सर्जरी बीएचयू में हुई है। दवा जरूरी है। खेतासराय के मुजावर खान और शंभूगंज के रामहित भी बाहर के डाक्टरों का पर्चा लेकर दवा की दूकानों के इर्द गिर्द भटकते देखे गए।
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