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सुप्रीम कोर्ट के फैसले को किसी ने सराहा तो किसी ने उठाया सवाल

Fri, 28 Sep 2018 12:26 AM IST
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:26 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले को किसी ने सराहा तो किसी ने उठाया सवाल
जौनपुर। सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए मोबाइल को आधार से लिंक, बैंक खातों को आधार से लिंक कराने के साथ स्कूलों में आधार कार्ड की अनिवार्यता के नियम को खत्म कर दिया है। इस फैसले के बाद जहां कुछ लोग इसका स्वागत कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इस पर सवाल भी उठा रहे हैं। शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर फर्जी अध्यापक आधार की वजह से पकड़े गए हैं। एक ही सर्टिफिकेट पर कई जिलों में नौकरी लोग कर रहे हैं। जो भी हो इस फैसले के बाद अब छात्रों को स्कूल में प्रवेश के दौरान या बोर्ड परीक्षा में फार्म भरते समय आधार कार्ड देना जरूरी नहीं होगा। वैसे स्कूलों से जुड़े लोगों का कहना है कि आधार होने की वजह से जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा नहीं हो पाता था और छात्र के बारे में सभी जानकारी आसानी से मिल जाती थी। ऐसे में स्कूलों में आधार की अनिवार्यता होना जरूरी है। वैसे कुछ लोगों का कहना है कि आधार अनिवार्य होने से परेशानियां हो रही थी। सरकारी क्षेत्रों में लागू होने से धांधली पर अंकुश जरूर लग रहा है।
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- सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। आधार के कारण समाज केे गरीब और कमजोर वर्ग सशक्त बने हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार बैंक अकाउंट और मोबाइल सिम के लिए जरूरी नहीं है। आयकर के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आधार को जरूरी माना है। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में आधार नंबर का होना जरूरी है। कोई भी एजेंसी न्यायिक आदेश लाने के बाद ही सुरक्षा के नाम पर डाटा ले सकेगी।
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बीडी सिंह
वरिष्ठ अधिवक्ता, दीवानी न्यायालय
- सुप्रीम कोर्ट ने आधार वैध तो माना है लेकिन इसकी अनिवार्यता हर जगह जरूरी नहीं का जो फैसला किया है। वह स्वागत योग्य है। कल्याणकारी योजनाओं में आधार कार्ड होना जरूरी है। इससे मैं सहमत हूं। बैंक में पैन के अलावा आधार का अनिवार्य होना अतिक्रमण है। इससे साइबर अपराधी ओटीपी की जानकारी लेकर फ्राड कर रहे हैं। कई घटनाएं हो चुकी है। खाता खोलने के दौरान बैंक अब आधार नहीं मांग सकते।
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पूनम चतुर्वेदी
हुसेनाबाद
- सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा है कि सभी क्षेत्रों में आधार को अनिवार्य करना जबर्दस्ती थी। मेरा मानना है कि निजी क्षेत्रों में इसका दुरूपयोग हो सकता है। आधार को अनिवार्य करना संविधान और मौलिक अधिकारों के विपरित था। सरकारी क्षेत्रों में आधार होना जरूरी है। इसकी कमियों को दूर कर इसे और अधिक सुरक्षित बनाने की जरूरत है। निजी क्षेत्रों में निजता के भंग होने का खतरा बना हुआ था।

डा. एचडी सिंह
चिकित्सक
- आधार से शिक्षा के क्षेत्र में बहुत फायदा हुआ है। मोबाइल कंपनियां ज्यादातर विदेशी हैं। उनकी सेवाएं लेने के चक्कर में हम अपनी निजी जानकारियां दे बैठते हैं। सभी जगह आधार लिंक होने की वजह से एक दूसरे डाटा लेना उनके लिए बहुत आसान है। इससे कई बार लोगों को दिक्कत हो जाती है। यह जरूर है कि परीक्षा में फर्जीवाड़ा इससे रूका है। अभिभावक बच्चे की उम्र में जो गड़बड़ी करते थे वह खत्म हो रहा था।
डा. गरिमा पांडेय
शिक्षिका
सेंट थामस इंटर कालेज, शाहगंज
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