{"_id":"5b98081c867a557f53454877","slug":"153669018815-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ लाख उपभोक्ता बिना मीटर के कर रहे बिजली उपभोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ लाख उपभोक्ता बिना मीटर के कर रहे बिजली उपभोग
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। विद्युत नियामक आयोग ने हर उपभोक्ता के यहां मीटर लगाने औैर खर्च के हिसाब से बिल भेजने को कहा है। मगर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लाखों घरों में अब तक मीटर नहीं लगवा पाया है और उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज वसूल कर रहा है।
जिले में कुल चार लाख 50 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। अभी इनमें डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं लग पाया है। विद्युत नियामक आयोग ने हर उपभोक्ता के यहां मीटर लगाने को कहा है। दिसंबर तक हर घर में मीटर लगाकर उसके हिसाब से वसूली की जानी है। बिजली विभाग के अधिकारी मीटर लगाना नहीं चाहते क्योंकि हर घर में मीटर होने पर प्रत्येक यूनिट बिजली का हिसाब लगाना संभव हो जाएगा और तब चोरी होने पर क्षेत्रीय अवर अभियंता और उप खंड अधिकारी जिम्मेदार हो जाएंगे। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू लाइट-फैन के बिना मीटर उपभोक्ताओं से चार्ज फिक्स 438 रुपये प्रति किलोवाट व पंपिंग सेट के पांच हार्स पावर के कनेक्शन 899.47 पैसा प्रति माह फिक्स चार्ज लिया जाता है। वहीं शहर क्षेत्र में बिना मीटर के 800 रुपया प्रति किलोवाट व 1974 रुपया प्रति दो किलोवाट की दर से बिजली का चार्ज लिया जा रहा है। इस तरह फिक्स चार्ज से विभाग लाइनलॉस के आंकड़ों को बहुत हद तक नियंत्रित दिखाया जा सकता है। बिजली की चोरी पर रोक लगाने और राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत सभी बिजली उपभोक्ताओं के यहां दिसंबर माह तक बिजली का मीटर लगने आदेश दिया है। इससे पहले विद्युत नियामक आयोग भी इस तरह के आदेश दे चुका है और उसका पालन बार-बार तिथि बढ़ाने के बावजूद नहीं किया जा सका है।
शेष बचे डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के यहां दिसंबर माह तक मीटर लगा दिया जाएगा। सौभाग्य योजनाओं के तहत मीटर लगाने का कार्य किया जाता है। बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं से बिजली का बिल जमा करने के लिए चार्ज फिक्स किया गया है। जिसके आधार पर वे जमा करते हैं।-एके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत
जिले में कुल चार लाख 50 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। अभी इनमें डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं लग पाया है। विद्युत नियामक आयोग ने हर उपभोक्ता के यहां मीटर लगाने को कहा है। दिसंबर तक हर घर में मीटर लगाकर उसके हिसाब से वसूली की जानी है। बिजली विभाग के अधिकारी मीटर लगाना नहीं चाहते क्योंकि हर घर में मीटर होने पर प्रत्येक यूनिट बिजली का हिसाब लगाना संभव हो जाएगा और तब चोरी होने पर क्षेत्रीय अवर अभियंता और उप खंड अधिकारी जिम्मेदार हो जाएंगे। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू लाइट-फैन के बिना मीटर उपभोक्ताओं से चार्ज फिक्स 438 रुपये प्रति किलोवाट व पंपिंग सेट के पांच हार्स पावर के कनेक्शन 899.47 पैसा प्रति माह फिक्स चार्ज लिया जाता है। वहीं शहर क्षेत्र में बिना मीटर के 800 रुपया प्रति किलोवाट व 1974 रुपया प्रति दो किलोवाट की दर से बिजली का चार्ज लिया जा रहा है। इस तरह फिक्स चार्ज से विभाग लाइनलॉस के आंकड़ों को बहुत हद तक नियंत्रित दिखाया जा सकता है। बिजली की चोरी पर रोक लगाने और राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत सभी बिजली उपभोक्ताओं के यहां दिसंबर माह तक बिजली का मीटर लगने आदेश दिया है। इससे पहले विद्युत नियामक आयोग भी इस तरह के आदेश दे चुका है और उसका पालन बार-बार तिथि बढ़ाने के बावजूद नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
शेष बचे डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के यहां दिसंबर माह तक मीटर लगा दिया जाएगा। सौभाग्य योजनाओं के तहत मीटर लगाने का कार्य किया जाता है। बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं से बिजली का बिल जमा करने के लिए चार्ज फिक्स किया गया है। जिसके आधार पर वे जमा करते हैं।-एके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत
विज्ञापन