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डायरिया से पीडित महिला की मौत, तीन बच्चे चपेट में
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:13 AM IST
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मड़ियाहूं। कोतवाली क्षेत्र के पाली गांव के मुसहर बस्ती में डायरिया फैल गया है। उल्टी और दस्त की बीमारी से एक महिला की मौत हो गई जबकि तीन बच्चों की हालत खराब है। मौत के बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी लेकिन चिकित्सकों की टीम न तो गांव में पहुंची। न कीटनाशक दवाओं छिड़काव कराया गया और न ही क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं।
पाली गांव की मुसहर बस्ती में बुधवार को लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई। डायरिया से पीड़ित संतलाल की पत्नी रेखा की घर ही हालत बिगड़ने के बाद गुरुवार को मौत हो गई। जब तक उसे उपचार के लिए बस्ती के लोग कहीं लेकर जाते रेखा ने घर पर ही दम तोड़ दिया। वहीं चंदू वनवासी के पुत्र जयसिंह (2), बिरजू (3) , पूजा (4) की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीनों मासूमों को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया हैं। उपचार के लिए तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों ने बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताया है। गांव के लोगों का कहना है कि डायरिया प्रकोप बढने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में अब तक संक्रामक बीमारी से बचने के लिए न तो दवा का छिड़काव कराया गया और न हीं क्लोरीन आदि की दवाएं ही वितरित की गई।
पाली गांव की मुसहर बस्ती में बुधवार को लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई। डायरिया से पीड़ित संतलाल की पत्नी रेखा की घर ही हालत बिगड़ने के बाद गुरुवार को मौत हो गई। जब तक उसे उपचार के लिए बस्ती के लोग कहीं लेकर जाते रेखा ने घर पर ही दम तोड़ दिया। वहीं चंदू वनवासी के पुत्र जयसिंह (2), बिरजू (3) , पूजा (4) की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीनों मासूमों को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया हैं। उपचार के लिए तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों ने बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताया है। गांव के लोगों का कहना है कि डायरिया प्रकोप बढने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में अब तक संक्रामक बीमारी से बचने के लिए न तो दवा का छिड़काव कराया गया और न हीं क्लोरीन आदि की दवाएं ही वितरित की गई।
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