फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   शहीद स्मारक का नहीं हुई सौंदर्यीकरण

शहीद स्मारक का नहीं हुई सौंदर्यीकरण

Fri, 10 Aug 2018 01:52 AM IST
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
शहीद स्मारक का नहीं हुई सौंदर्यीकरण
केराकत। 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन में एक साथ शहीद हुए 22 सेनानियों की स्मृति में सेनापुर में बना शहीद स्मारक उपेक्षा का शिकार है। 1999 में बने इस स्मारक के प्रस्ताव के साथ बाउंड्रीवाल, पुस्तकालय का निर्माण, माली और चौकीदार की तैनाती, फौव्वारा लगाने का भी प्रस्ताव था लेकिन सिर्फ स्तंभ बनाकर छोड़ दिया गया। शहीद स्मारक के आस पास साफ सफाई का भी इंतजाम नहीं है। वर्ष में सिर्फ दो बार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर यहां सफाई की जाती हैै। स्तंभ के चारों तरफ लगी लोहे की जंजीर भी अराजक तत्व उठा ले गए।
विज्ञापन

सेनापुर गांव में 22 वीर सपूतों ने एक साथ शहादत दी थी। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर केराकत तहसील के सेनापुर गांव में स्वतंत्रता आंदोलन के अमर शहीदों की गाथाएं इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। 1857 में जब भारत मां को आजाद कराने की आवाज जब गूंजने लगी तो इस क्षेत्र के नौजवान सिर पर कफन बांधकर भारत मां को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए घर से निकल पड़े थे। अंग्रेजी हुकूमत की बगावत करने वाले 22 क्रांतिकारियों को अंग्रेज सिपाहियों ने सेनापुर गांव में को नौजवानों की बहादुरी देख अंग्रेजों के होश उड़ गए। जिसके चलते घबराई ब्रिटिश हुकूमत ने 22 ने क्रांतिकारियों को एक आम के बगीचे में फांसी पर चढ़ाने के बाद गोली मार दी थी। शहीद स्तंभ पर शहीद यदुवीर सिंह, शिवव्रत सिंह, जय मंगल सिंह, देवकी सिंह, रामदुलार सिंह, अभिलाष सिंह, ठाकुर सिंह, शिवराम अहीर, किशुन अहीर, माधव सिंह, विश्वेसर सिंह, छांगुर सिंह एवं राम भरोस सिंह समेत 15 शहीदों के नाम दर्ज हैं। अन्य सात शहीद अभी भी गुमनाम हैं। शहीद स्मारक के सुंदरीकरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार कहते हैं कि पिछले दो साल के भीतर वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत अन्य उच्चाधिकारियों को 10 से अधिक बार पत्रक दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन


शहीद स्मारक के सुंदरीकरण के लिए ग्रामीणों की ओर से की गई मांग को शासन को भेज दिया गया है। मौके पर साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था के लिए खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंगलेश दुबे, एसडीएम केराकत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed