{"_id":"5b4b95a74f1c1b19208b4dda","slug":"153168016411-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"औद्योगिक क्षेत्र में सफाई की व्यवस्था चरमराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औद्योगिक क्षेत्र में सफाई की व्यवस्था चरमराई
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सतहरिया। औद्योगिक क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। गंदगी के कारण संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। उद्यमियों का आरोप है कि कई शिकायत के बाद भी कोई पहल नहीं हुई। गंदगी के कारण नालियां पटी पड़ी हैं। नालियों में गंदे पानी का जलभराव हमेशा बना रहता है। जिससे उठने वाली दुर्गंध से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार हो गई है। संघ के संगठन मंत्री सुनील यादव, गुलाब पांडेय सहित उद्यमियों का कहना है कि साफ-सफाई की अव्यवस्था के लिए लिखा पढ़ी करने के बाद भी सीडा प्रशासन ने कोई पहल नही की। भाकियू के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कई बार पंचायत के माध्यम से सीडा प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया किंतु सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कूड़ा रखने के लिए कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है। न तो कूड़ा फेंकने का स्थान निर्धारित किया गया है। सीडा के पास साफ सफाई के लिए सिर्फ चार सफाई कर्मचारी हैं। जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे है। सीडा उद्यमी कल्याण संघ के अध्यक्ष शिवाजी सिंह का आरोप है कि मेंटीनेंस के लिए जो पैसा उद्यमियों से विभिन्न मदों के नाम पर वसूला जाता है उसका सदुपयोग नहीं हो रहा है। जिसके चलते साफ-सफाई व्यवस्था मुंह चिढ़ा रही है। सीडा प्रबंधक स्वताभ दास रंजन ने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर साफ-सफाई के लिए प्रयास किया जा रहा है।