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आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र नहीं बनाने का लिया निर्णय
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:20 AM IST
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जौनपुर। ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति की बैठक बुधवार को जिला मुख्यालय पर हुई। जिसमें लेखपालों के धरने का नैतिक समर्थन किया। इसके साथ ही आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र नहीं बनाने का निर्णय लिया है।
जिला संयोजक डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से हड़ताल पर बैठे लेखपाल संघ को हमारा संघ नैतिक समर्थन देता है। जनपद लेखपाल संघ के पदाधिकारियों का निलंबन व स्थानांतरण होना दुर्भाग्यपूर्ण और कर्मचारी विरोधी है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर जनपद में लेखपाल प्रदत्त कार्य जैसे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र आदि ग्राम सचिवों द्वारा नहीं बनाया जाएगा। यह कार्य अभिलेखीय, तकनीकी एवं विभागीय तीनों ही दृष्टिकोण से अव्यवहारिक है। वैसे भी ग्राम सचिव को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम, मनरेगा, पेंशन, रिबोर आदि विभिन्न प्रकार के कार्य करने पड़ते हैं। ऐसे में राजस्व लेखपाल के भी कार्य किया जाना संभव नहीं है। डॉ. फूलचंद कनौजिया ने कहा कि लेखपाल एवं ग्राम पंचायत सचिव की मांग वेतन विसंगति, शैक्षणिक योग्यता आदि पर समान है। अत: अगर भविष्य में जरूरत पड़ी और केंद्रीय नेतृत्व का आदेश होगा तो दिया जा रहा यह नैतिक समर्थन सहभागी आंदोलन में भी बदल सकता है। बैठक में रामकृष्ण पाल, विजयभान यादव, डॉ. कृष्ण कुमार मिश्र, डॉ. रामकृष्ण यादव, संजय श्रीवास्तव, नागेंद्र यादव, सुनील श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे
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जिला संयोजक डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से हड़ताल पर बैठे लेखपाल संघ को हमारा संघ नैतिक समर्थन देता है। जनपद लेखपाल संघ के पदाधिकारियों का निलंबन व स्थानांतरण होना दुर्भाग्यपूर्ण और कर्मचारी विरोधी है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर जनपद में लेखपाल प्रदत्त कार्य जैसे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र आदि ग्राम सचिवों द्वारा नहीं बनाया जाएगा। यह कार्य अभिलेखीय, तकनीकी एवं विभागीय तीनों ही दृष्टिकोण से अव्यवहारिक है। वैसे भी ग्राम सचिव को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम, मनरेगा, पेंशन, रिबोर आदि विभिन्न प्रकार के कार्य करने पड़ते हैं। ऐसे में राजस्व लेखपाल के भी कार्य किया जाना संभव नहीं है। डॉ. फूलचंद कनौजिया ने कहा कि लेखपाल एवं ग्राम पंचायत सचिव की मांग वेतन विसंगति, शैक्षणिक योग्यता आदि पर समान है। अत: अगर भविष्य में जरूरत पड़ी और केंद्रीय नेतृत्व का आदेश होगा तो दिया जा रहा यह नैतिक समर्थन सहभागी आंदोलन में भी बदल सकता है। बैठक में रामकृष्ण पाल, विजयभान यादव, डॉ. कृष्ण कुमार मिश्र, डॉ. रामकृष्ण यादव, संजय श्रीवास्तव, नागेंद्र यादव, सुनील श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे
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