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समस्याओं को पूरा करने की आवाज बुलंद
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:28 AM IST
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जौनपुर। किसानों को पेशन देने, कृषि आयोग के गठन आदि मांगों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सदस्यों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में किसान पंचायत का आयोजन किया। पंचायत के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौपा।
जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि किसान कहने के लिए ही अन्नदाता है लेकिन उनकी समस्याओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है। किसान, कृषि मजदूर और गांव के गरीबों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए विभागों का चक्कर काटना पड़ता है और वहां सुनवाई नहीं होती है। अफसर और कर्मचारी लोगों की समस्या को दूर करने के बजाय उसे बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने की मांग की जा रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, किसानों को 10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने, किसान आयोग का गठन करने, कृषि को उद्योग का दर्जा देने, किसानों के सभी कर्जे माफ करने, किसान परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, फसलों की लागत मूल्य से डेढ़ गुना लाभकारी समर्थन मूल्य घोषित करने, बछड़ों एवं नील गायों से फसलों की सुरक्षा की मांग की गई। इस बाबत जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया।
जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि किसान कहने के लिए ही अन्नदाता है लेकिन उनकी समस्याओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है। किसान, कृषि मजदूर और गांव के गरीबों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए विभागों का चक्कर काटना पड़ता है और वहां सुनवाई नहीं होती है। अफसर और कर्मचारी लोगों की समस्या को दूर करने के बजाय उसे बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने की मांग की जा रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, किसानों को 10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने, किसान आयोग का गठन करने, कृषि को उद्योग का दर्जा देने, किसानों के सभी कर्जे माफ करने, किसान परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, फसलों की लागत मूल्य से डेढ़ गुना लाभकारी समर्थन मूल्य घोषित करने, बछड़ों एवं नील गायों से फसलों की सुरक्षा की मांग की गई। इस बाबत जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया।
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