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चकबंदी कानूनगो एवं दो लेखपालो को तीन घंटे तक बनाया बंधक

Wed, 27 Jun 2018 01:04 AM IST
Updated Wed, 27 Jun 2018 01:04 AM IST
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चकबंदी कानूनगो एवं दो लेखपालो को तीन घंटे तक बनाया बंधक
सिकरारा। लखेसर गांव में 15 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया फिर से शुरू हुई। ग्रामीणों ने चकों के आवंटन में मनमानी का आरोप लगाते हुए गांव में नापी करने पहुचे चकबंदी कानूनगो व दो लेखपालों से जरीब, कागजात छीन लिए और उन्हेें बंधक बना लिया। लगभग तीन घंटे तक एक कमरे में बंद रखा। चकबंदी विभाग के अफसर और पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया। कानूनगो हरीराम ने दो नामजद व छह अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। उसमें मारपीट और गालीगलौज का भी आरोप लगाया है।
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मंगलवार को सीमांकन का कार्य चल रहा था। अचानक गांव के कुछ लोग पहुंचे और कानून गो हरीराम, लेखपाल संजय कन्नौजिया व उनके साथी पर बेईमानी का आरोप लगाने लगे। उनके हाथ की जरीब ,कागजात छीन लिए और जबरदस्ती एक घर में ले गए और बंधक बना दिया। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी। लगभग दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक चकबंदी विभाग के सीओ गजराज सिंह, सहायक चकबंदी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण वहां पहुंच गए। उनको मुक्त कराया।
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कानूनगो हरीराम ने दबंगों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम, मारपीट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की और कहा जब तक मुकदमा नहीं होता वह वहां से जाएगा नहीं। मुकदमा लिखने का आश्वासन देकर उसे शांत कराया गया। उनसे दो नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। हरीराम का आरोप है कि पुलिस का रवैया नकारात्मक है। इससे पहले भी 25 अप्रैल को को भी इन लोगों ने हंगामा किया था। तहरीर देने पर भी मुकदमा नहीं किया गया। ग्राम प्रधान निशा तिवारी ने बताया कि उन्होेंने भी चकबंदी के दौरान सुरक्षा की मांग की थी।
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