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आवास नहीं बनाने वाले लाभार्थियों की जांच शुरु
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:51 AM IST
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जौनपुर। वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2018-19 में अभी तक आवास नहीं बन पाने वाले लाभार्थियों में से ऐसे लाभार्थियों को चिंहित करने का कार्य किया जा रहा है। जिनको किसी भी कीमत पर आवास नहीं बन सकता है। अगर उनको धनराशि भी दी गई है तो उसकी वसूली की जाएगी। इन लाभार्थियों को चिंहित करने के लिए सभी बीडीओं को निर्देश दिया जा चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2018-19 में कुल 20094 आवास बनाने के लिए लाभार्थियों का चयन किया गया था। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2018-19 के समाप्त होने तक कुल 19631आवास पूरा कर लिए गए हैं। लेकिन अभी तक 463 आवास नहीं बन पाए हैं। इसमें से कई ऐसे आवास के लाभार्थी है, जिनकी मृत्यू हो गई है। लेकिन उनका कोई वारिश नहीं है। इसके अलावां ऐसे भी लाभार्थी जो सब कुछ छोड़कर बाहर चले गए है।ऐसे लाभार्थियों के प्रति परियोजना निदेशक ने अपनी नजर तिरछी कर ली है। उनके द्वारा आवास नहीं बनाने वाले लाभार्थियों की जांच बीडीओ से कराई जा रही है।जांच रिपोर्ट आने के बाद ऐसे लाभर्थियों का आवास निरस्त कर दिया जाएगा। जिनकों किसी भी कीमत पर आवास नहीं बन सकता है। अगर उनको धनराशि दी गई है तो उनसे धनराशि की भी वसूली की जाएगी।
बीडीओ से आवास नहीं बनाने वाले लाभार्थियों की जांच कराई जा रही है। इस दौरान आवास नहीं बनाने के कारणों को भी देखा जाएगा। अगर ऐसे लाभार्थी मिले, जिनको कदापि आवास नहीं बन सकता है। उनका आवास निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही अगर वे आवास की धनराशि पाएं है तो उसकी रिकवरी की जाएगी।
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अरविंद सिंह
परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग
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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2018-19 में कुल 20094 आवास बनाने के लिए लाभार्थियों का चयन किया गया था। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2018-19 के समाप्त होने तक कुल 19631आवास पूरा कर लिए गए हैं। लेकिन अभी तक 463 आवास नहीं बन पाए हैं। इसमें से कई ऐसे आवास के लाभार्थी है, जिनकी मृत्यू हो गई है। लेकिन उनका कोई वारिश नहीं है। इसके अलावां ऐसे भी लाभार्थी जो सब कुछ छोड़कर बाहर चले गए है।ऐसे लाभार्थियों के प्रति परियोजना निदेशक ने अपनी नजर तिरछी कर ली है। उनके द्वारा आवास नहीं बनाने वाले लाभार्थियों की जांच बीडीओ से कराई जा रही है।जांच रिपोर्ट आने के बाद ऐसे लाभर्थियों का आवास निरस्त कर दिया जाएगा। जिनकों किसी भी कीमत पर आवास नहीं बन सकता है। अगर उनको धनराशि दी गई है तो उनसे धनराशि की भी वसूली की जाएगी।
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बीडीओ से आवास नहीं बनाने वाले लाभार्थियों की जांच कराई जा रही है। इस दौरान आवास नहीं बनाने के कारणों को भी देखा जाएगा। अगर ऐसे लाभार्थी मिले, जिनको कदापि आवास नहीं बन सकता है। उनका आवास निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही अगर वे आवास की धनराशि पाएं है तो उसकी रिकवरी की जाएगी।
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अरविंद सिंह
परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग