जौनपुर में योजना पर सवाल: 50% धनराशि जारी, तीन साल में 44 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण अधूरा
जौनपुर में 54 उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 10 भवन ही पूरे हो सके हैं। 44 उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण अधूरा है।
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जौनपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के लिए स्वीकृत 14.90 करोड़ रुपये की योजना तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। 54 उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 10 भवन ही पूरे हो सके हैं। 44 उपकेंद्रों का निर्माण अधूरा है। कहीं छत का काम पूरा नहीं हुआ तो कहीं फर्श, खिड़की और दरवाजे तक नहीं लगे हैं। लंबे समय से निर्माण बंद होने के कारण कई भवनों में झाड़ियां उग आई हैं।
उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण अप्रैल 2022 में शुरू हुआ था। इन्हें छह महीने में पूरा किया जाना था। निर्धारित अवधि के वर्षों बाद भी बड़ी संख्या में भवन अधूरे हैं। कार्यदायी संस्था के अनुसार करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शासन की ओर से परियोजना की लागत का करीब 50 फीसदी धनराशि का भुगतान हो चुका है। दूसरी किस्त नहीं मिलने से काम रुक गया है।
पांच साल से नौ उपकेंद्र अधूरे
सिकरारा विकास क्षेत्र की नौ ग्राम सभाओं में उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण पांच साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। भीलमपुर, गोनापार, नेवढ़िया, बथुआवर, मसीदा, लखेसर, पचोखर, कुंवरदा और मझौली में निर्माण शुरू कराया गया था। बजट के अभाव में कई भवन आधे-अधूरे पड़े हैं। लखेसर में निर्माणाधीन उपकेंद्र झाड़ियों से घिरा हुआ है।
फोटो सहित मांगी गई थी रिपोर्ट, कार्रवाई का पता नहीं
लखेसर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शैलेंद्र तिवारी के अनुसार निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2021-22 में शुरू हुआ था। कार्य की धीमी गति को लेकर जिला पंचायत जौनपुर के अवर मुख्य अधिकारी ने 19 मार्च 2026 को संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्यों की फोटो सहित आख्या मांगी थी। अब तक इस रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में निर्माण की निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिले में उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। शासन से पूरा धन नहीं मिलने के कारण कई भवनों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। धन अवमुक्त होने के बाद शेष निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। दूसरी किस्त मिलने की उम्मीद है। -डॉ. गंगाराम गौतम, सीएमओ, जौनपुर