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तापमान में कमी के बाद भी नहीं मिली राहत
Updated Wed, 23 May 2018 11:59 PM IST
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धूप से बचाव
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जौनपुर। पिछले एक सप्ताह से तापमान दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। बुधवार को तापमान अधिकतम 42 डिग्री रहा। लेकिन गर्मी में कोई राहत लोगों को नहीं महसूस हुई। रात में भी लू चलने जैसी बनी रह रही है। लोगों को छत पर भी चैन की हवा नहीं मिल रही है। इस माह अधिकतम तापमान 43 तक पहुंच चुका है। जो बढ़कर 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे उत्तर पश्चिम हवा का रूख तेज हो रहा है। वैसे ही तापमान भी बढ़ रहा है।
लू के थपेड़ों के बीच अधिकतम तापमान बुधवार को 42 रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 29 पर ही स्थिर रहा। हर रोज एक डिग्री बढ़ने वाला तापमान बुधवार को कम जरूर हुआ लेकिन लोगों को कोई राहत नहीं मिली। सड़क पर लोगों को लू के थपेड़ों ने झुलसाया। गर्म हवाओं और धूप से बचाव के लिए लोगों ने कपड़े से चेहरा ढकने का प्रयास किया। तेज धूप से सड़कें तवे की तरह तपती रही। तापमान में उतार चढ़ाव बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो हवाओं का रूख बदलते ही। गर्मी के तेवर में कमी आएगी। डा. आरए मौर्या का कहना है कि भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से हिट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। जरा सी चूक और पानी की कमी लोगों को बीमार बना सकती है। इससे बचने के लिए उपाय करना चाहिए। खाली पेट बाहर न निकलें और ठंडा पानी या पेय पदार्थ से बचें। शरीर पर सूती कपड़ें ही पहने। धूप से छांव में पहुंचे तो तत्काल ठंडा पानी न पीएं। प्रयास करें कि शरीर में पानी की कमी न हो।
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लू के थपेड़ों के बीच अधिकतम तापमान बुधवार को 42 रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 29 पर ही स्थिर रहा। हर रोज एक डिग्री बढ़ने वाला तापमान बुधवार को कम जरूर हुआ लेकिन लोगों को कोई राहत नहीं मिली। सड़क पर लोगों को लू के थपेड़ों ने झुलसाया। गर्म हवाओं और धूप से बचाव के लिए लोगों ने कपड़े से चेहरा ढकने का प्रयास किया। तेज धूप से सड़कें तवे की तरह तपती रही। तापमान में उतार चढ़ाव बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो हवाओं का रूख बदलते ही। गर्मी के तेवर में कमी आएगी। डा. आरए मौर्या का कहना है कि भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से हिट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। जरा सी चूक और पानी की कमी लोगों को बीमार बना सकती है। इससे बचने के लिए उपाय करना चाहिए। खाली पेट बाहर न निकलें और ठंडा पानी या पेय पदार्थ से बचें। शरीर पर सूती कपड़ें ही पहने। धूप से छांव में पहुंचे तो तत्काल ठंडा पानी न पीएं। प्रयास करें कि शरीर में पानी की कमी न हो।
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