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योग गुरू ने दिया एकता का संदेश
Updated Sun, 20 May 2018 12:12 AM IST
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शाहगंज (जौनपुर)। योग गुरू बाबा रामदेव का शनिवार को कस्बे में जगह-जगह स्वागत किया गया। देर शाम नगर में पहुंचे स्वामी रामदेव को देखने के लिए लोगों की भीड़ रही। बाबा के काफिले का स्वागत किया। सुरक्षा को देखते हुए आगमन पर प्रशासनिक व्यवस्था चाक चौबंद रही।
रामलीला मैदान में आयोजित योग महोत्सव में स्वामी रामदेव ने राजनीतिक से परे आपसी भाई चारा और प्रेम की वकालत की। कहा की सभी समान हैं और महान हैं। हम सभी एक ईश्वर की संतान हैं। भगवान को पाने के लिए कहीं जाने की जरुरत नहीं है। केवल अज्ञानता से पर्दा हटाने की जरुरत है। कहा साम्राज्य खड़ा करना, महल बनाने, एमएलए, सीएम, पीएम तो इंसान बनता है। लेकिन उसमें भी परमात्मा का योगदान होता है। बिना उसके योगदान के एक कण नहीं हिल सकता। योग महोत्सव में उपस्थित जन समूह को दीक्षा देते हुए स्वामी रामदेव ने कहा सास, ससुर, पति-पत्नी, बेटा-बेटी, भाई-बहन जैसे सभी रिश्तों को ईश्वर के रुप में देखें। कहा मुझे किसी भी जाति धर्म से कोई परहेज नही मंदिर, मस्जिद, चर्च, गिरजाघर और शिवालय में मुझे बुलाने पर मैं पहुंचता हूं। ईश्वर द्वारा निर्मित संस्कार में सबसे उत्कृष्ट मानव है। महोत्सव के अंत में संयोजक व पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश जायसवाल ने आगंतुकों का आभार प्रकट किया। चेयरमैन गीता जायसवाल ने योग गुरु को स्मृति चिन्ह देकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर प्रदीप जायसवाल, जयशंकर बरनवाल, संदीप जायसवाल, रीता जायसवाल, जगदीश अग्रहरि, विनय सिंह, अर्पित जायसवाल, मंटू चौरसिया, विजय लक्ष्मी, नितेश बरनवाल आदि उपस्थित रहे।
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रामलीला मैदान में आयोजित योग महोत्सव में स्वामी रामदेव ने राजनीतिक से परे आपसी भाई चारा और प्रेम की वकालत की। कहा की सभी समान हैं और महान हैं। हम सभी एक ईश्वर की संतान हैं। भगवान को पाने के लिए कहीं जाने की जरुरत नहीं है। केवल अज्ञानता से पर्दा हटाने की जरुरत है। कहा साम्राज्य खड़ा करना, महल बनाने, एमएलए, सीएम, पीएम तो इंसान बनता है। लेकिन उसमें भी परमात्मा का योगदान होता है। बिना उसके योगदान के एक कण नहीं हिल सकता। योग महोत्सव में उपस्थित जन समूह को दीक्षा देते हुए स्वामी रामदेव ने कहा सास, ससुर, पति-पत्नी, बेटा-बेटी, भाई-बहन जैसे सभी रिश्तों को ईश्वर के रुप में देखें। कहा मुझे किसी भी जाति धर्म से कोई परहेज नही मंदिर, मस्जिद, चर्च, गिरजाघर और शिवालय में मुझे बुलाने पर मैं पहुंचता हूं। ईश्वर द्वारा निर्मित संस्कार में सबसे उत्कृष्ट मानव है। महोत्सव के अंत में संयोजक व पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश जायसवाल ने आगंतुकों का आभार प्रकट किया। चेयरमैन गीता जायसवाल ने योग गुरु को स्मृति चिन्ह देकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर प्रदीप जायसवाल, जयशंकर बरनवाल, संदीप जायसवाल, रीता जायसवाल, जगदीश अग्रहरि, विनय सिंह, अर्पित जायसवाल, मंटू चौरसिया, विजय लक्ष्मी, नितेश बरनवाल आदि उपस्थित रहे।
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