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बुद्द पूर्णिमा पर भगवान गौतम बुद्ध की निकली भव्य शोभायात्रा

Tue, 01 May 2018 12:27 AM IST
Updated Tue, 01 May 2018 12:27 AM IST
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बुद्द पूर्णिमा पर  भगवान गौतम बुद्ध की निकली भव्य शोभायात्रा
बुद्धम शरणम
जौनपुर। बुद्ध पूर्णिमा पर सोमवार को भगवान गौतम बुद्ध की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गोष्ठी का आयोजन कर भगवान गौतम बुद्ध के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। शहर के खरका कालोनी स्थित बौद्ध बिहार में गोष्ठी का आयोजन कर गौतम बुद्ध के आदर्शो को अपने जीवन में उतारने की नसीहत दी।
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अशोक प्रियदर्शी मिशन और लोक मंगल दल की ओर से बुद्ध पूर्णिमा पर भंडारी रेलवे स्टेशन से भगावान गौतम बुद्ध की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शत्रुधन मौर्य, रामजियावन मौर्य, नंदलाल मौर्य, छोटेलाल व संजय मौर्य ने पंचशील दीप प्रज्ज्वलित कर शोभायात्रा की शुरुआत की। शोभा यात्रा भंडारी रेलवे स्टेशन से शुरू होकर सुतहट्टी, कोतवाली चौराहा, चहारसू चौराहा, ओलंदगंज, जोगियापुर, होते हुए खरका कालोनी स्थित बौद्ध विहार पहुंची। यहां राजकुमारी ने पंचशील दीप प्रज्ज्वलित किया। शहर में कई स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायत्रा जिलाध्यक्ष परमानंद मौर्य के देखरेख में चल रहा था। इस मौके पर स्वदेश मौर्य, डा. उदय नारायण सिंह, बाबूराम मौर्य, महेंद्र मौर्य, इंद्रजीत मौर्य, डा. लक्ष्मी प्रसाद, कमलाकांत, सोनू मौर्य, संतोष कुुमार, डा. हीरालाल मौर्य, नरसिंह मौर्य, रामजीत मौर्य प्रदीप कुमार आदि मौजूद थे।
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सतहरिया में शांति कुंज हरिद्वार से आए संत संतोष महराज ने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। मुंगराबादशाहपुर पुरानी सब्जी मंडी में बुद्ध पूर्णिमा पर आयोजित अध्यात्म सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। हिंदू धर्मावलंबियों के लिए भगवान बुद्ध विष्णु के नौवें अवतार है। इस लिए हिंदुओं के लिए यह दिन बहुत ही पवित्र माना गया है। जिस प्रकार महात्मा गौतम बुद्ध ने शांति व ज्ञान को जीवन का प्रमुख अंग माना था उसी संदेश को विश्व पटल पर रखकर भारत को धर्म के क्षेत्र में विश्वगुरु का दर्जा दिलाया। उसी प्रकार अध्यात्म ज्ञान का भंडारण, सदाचार की जननी, आत्मशांति व सुखी जीवन का दर्पण तथा अंतर्मन के कष्टों का निवारण है जो धर्म पर चलने के लिए मार्ग प्रशस्ति करता है। मानव जीवन में सद्बुद्धि का संचार करता है। व्यक्ति कुमार्ग से सुमार्ग, कुविचार से सुविचार, दुष्चरित्र से चरित्रवान का पाठ पढ़ाता है। इस मौके पर अनिल शुक्ला, चंद्रशेखर पांडेय, सीता राम पटेल, द्विजेंद्र त्रिपाठी, सिद्धार्थ तिवारी, हिमकर पांडेय आदि आदि मौजूद रहे।
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