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सीएमओ कार्यालय की फाइलों में कमियां ढूंढते रहे ज्वाइंट डायरेक्टर
Updated Tue, 01 May 2018 12:20 AM IST
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जौनपुर। संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक गिरीश चंद्र ने सोमवार को उमरपुर स्थित इंद्र केयर हास्पिटल के पंजीकरण की जांच की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जाकर पंजीकरण के दस्तावेज देखे। अस्पतालों के पंजीकरण में मानकों की अनदेखी पर फटकार लगाई। उन्होंने बताया कि बताया कि जिले 93 अस्पतालों का नवीनीकरण रोक दिया गया है, जिनके पंजीकरण का नवीनीकरण 30 अप्रैल तक हो जाने थे।
वाराणसी निवासी शिशिर कुमार सिंह ने 16 अप्रैल को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से इंद्र लाइफ केयर के पंजीकरण की जांच कराने की मांग की थी और कहा था कि मानकों की अनदेखी कर अस्पतालों का पंजीकरण किया जा रहा है। शिकायत की जांच करने संयुक्त निदेशक वाराणसी गिरीश चंद्र सोमवार को यहां पहुंचे। उन्होंने नोडल अधिकारी आरके सिंह से इस मामले में की गई कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन से फायर ब्रिगेड व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र, चिकित्सालय का मानचित्र मांगा गया था। एक माह में सभी कमियों को पूरा करने को कहा था। उसके बाद संयुक्त निदेशक ने अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने कहा कि अस्पताल से दस्तावेज मांगे गए हैं। फिलहाल जिले के 93 अस्पतालों के पंजीकरण के नवीनीकरण भर रोक लगा दी गई है और सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण की जांच की जा रही है।
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वाराणसी निवासी शिशिर कुमार सिंह ने 16 अप्रैल को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से इंद्र लाइफ केयर के पंजीकरण की जांच कराने की मांग की थी और कहा था कि मानकों की अनदेखी कर अस्पतालों का पंजीकरण किया जा रहा है। शिकायत की जांच करने संयुक्त निदेशक वाराणसी गिरीश चंद्र सोमवार को यहां पहुंचे। उन्होंने नोडल अधिकारी आरके सिंह से इस मामले में की गई कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन से फायर ब्रिगेड व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र, चिकित्सालय का मानचित्र मांगा गया था। एक माह में सभी कमियों को पूरा करने को कहा था। उसके बाद संयुक्त निदेशक ने अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने कहा कि अस्पताल से दस्तावेज मांगे गए हैं। फिलहाल जिले के 93 अस्पतालों के पंजीकरण के नवीनीकरण भर रोक लगा दी गई है और सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण की जांच की जा रही है।
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