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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदल गई सूरत
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:32 AM IST
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जौनपुर। जिले के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सूरत बदल गई है। इन अस्पतालों में का प्रसूता वार्ड, शौचालय का कायाकल्प करने के साथ ही प्रकाश, साफ सफाई और पानी की व्यवस्था की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। डीएम के प्रयास से यह संभव हुआ है।
जिले में एक लाख 50 हजार प्रति वर्ष प्रसव पीड़ित महिलाओं के अस्पताल आने का लक्ष्य है। जिसमें इस वर्ष 54 हजार 23 महिलाओं का प्रसव सरकारी अस्पतालों में हुआ है। जबकि 35923 महिलाओं का नर्सिंग होम में प्रसव हुआ है। वैसे तो सरकारी अस्पतालों में अधिक प्रसव हुआ है। बावजूद इसके और बेहतर करने के लिए डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने एक कार्ययोजना तैयार किया जिसके तहत बदलापुर, रामपुर, रामनगर, शाहगंज, महराजगंज, सुइथाकला, करंजाकला, खुटहन, मुफ्तीगंज, धर्मापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और बक्शा, जलालपुर, मुंगराबादशाहपुर, सोंधी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों प्रथम चरण में लिया गया। इन अस्पतालों में प्रसूता कक्ष प्लास्टिक पेंट से पेंटिंग की गई, खिड़कियों की जाली ठीक किया गया, पर्दे नए लगाए गए। शौचालयों का जीर्णोद्घार हुआ। मशीने बदली गई। ताकि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि इसके बाद अगले चरण में कुछ और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका मरीजों में अच्छा संदेश जा रहा है।
महिला अस्पताल में रहती है गंदगी
जौनपुर। जिला महिला चिकित्सालय में गंदगी की वजह से मरीज जाना नहीं चाहते। इसकी वजह से नर्सिंग होमों की चांदी रहती है। वैसे भी महिला अस्पताल पर दलाल घूमते रहते हैं और मरीजों को बहला फुुसलाकर नर्सिंग होम भेजते हैं। डीएम की जांच में भी यह मामला पकड़ में आ चुका है। बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ।
जिले में एक लाख 50 हजार प्रति वर्ष प्रसव पीड़ित महिलाओं के अस्पताल आने का लक्ष्य है। जिसमें इस वर्ष 54 हजार 23 महिलाओं का प्रसव सरकारी अस्पतालों में हुआ है। जबकि 35923 महिलाओं का नर्सिंग होम में प्रसव हुआ है। वैसे तो सरकारी अस्पतालों में अधिक प्रसव हुआ है। बावजूद इसके और बेहतर करने के लिए डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने एक कार्ययोजना तैयार किया जिसके तहत बदलापुर, रामपुर, रामनगर, शाहगंज, महराजगंज, सुइथाकला, करंजाकला, खुटहन, मुफ्तीगंज, धर्मापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और बक्शा, जलालपुर, मुंगराबादशाहपुर, सोंधी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों प्रथम चरण में लिया गया। इन अस्पतालों में प्रसूता कक्ष प्लास्टिक पेंट से पेंटिंग की गई, खिड़कियों की जाली ठीक किया गया, पर्दे नए लगाए गए। शौचालयों का जीर्णोद्घार हुआ। मशीने बदली गई। ताकि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि इसके बाद अगले चरण में कुछ और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका मरीजों में अच्छा संदेश जा रहा है।
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महिला अस्पताल में रहती है गंदगी
जौनपुर। जिला महिला चिकित्सालय में गंदगी की वजह से मरीज जाना नहीं चाहते। इसकी वजह से नर्सिंग होमों की चांदी रहती है। वैसे भी महिला अस्पताल पर दलाल घूमते रहते हैं और मरीजों को बहला फुुसलाकर नर्सिंग होम भेजते हैं। डीएम की जांच में भी यह मामला पकड़ में आ चुका है। बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ।
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