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कादरी कामली इसहाक बाबा का आठवें दौर का उर्स हुआ सम्पन्न
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:24 AM IST
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जौनपुर। शहर के विशेषरपुर स्थित हमजा चिस्ती बाबा के बगल कादरी कामली इसहाक शाह बाबा का आठवें दौर के उर्स को उनके चाहने वालों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया और महफिले शमा सजाने के साथ बाबा की मजार पर चादर व गुलपोशी कर फातेहा पढने के साथ ही मन्नतों मुरादों में मशगूल हो गए।
मोहल्ला उर्दू बाजार स्थित कादरी कामली इसहाक शाह बाबा के आवास पर देश के विभिन्न जनपद में मऊ, वाराणसी, फैजाबाद, आजमगढ़ आदि के अलावा सूरत, मुंबई, केरल, पुणे के अलावा अन्य स्थानों से आए हुये बाबा के चाहने वाले और मुरीदैन द्वारा सर पर गागर व चादर रखकर उनके साथ चलते रहे। शहर के कौवाल हफीज जौनपुरी, गुड्डू आदि कौवालों द्वारा पूरे रास्ते कौवाली का नजराना पेश करते चल रहे थे। मजार पर पहुंचकर गूलपोसी व चादर पोसी करके मन्नतों मुरादों में मसगूल हो गए। बारी-बारी लोगों ने अपनी-अपनी चादर बाबा के मजार पर चढ़ाई इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए मदरसा हनफिया के मौलाना हशशाम जाफरी ने तकरीर किया। इससे पहले शेर वाली मस्जिद के पेशे इमाम कारी जिया ने नात पढा। पूरी रात कौवालों द्वारा कौवाली गाने का सिलसिला चलता रहा। इस मौके पर मोहम्मद आफाक, इसफान, अलाऊद्दीन, मो. जमील, मो. लतीफ, सफीक, इम्तेयाज अहमद, मुनव्वर, सरदार हुसैन, हलीम बाबा, महबूब बाबा, जुबैर अहमद, मुनीर अहमद, गुलाम हुसैन आदि उपस्थित रहे।
मोहल्ला उर्दू बाजार स्थित कादरी कामली इसहाक शाह बाबा के आवास पर देश के विभिन्न जनपद में मऊ, वाराणसी, फैजाबाद, आजमगढ़ आदि के अलावा सूरत, मुंबई, केरल, पुणे के अलावा अन्य स्थानों से आए हुये बाबा के चाहने वाले और मुरीदैन द्वारा सर पर गागर व चादर रखकर उनके साथ चलते रहे। शहर के कौवाल हफीज जौनपुरी, गुड्डू आदि कौवालों द्वारा पूरे रास्ते कौवाली का नजराना पेश करते चल रहे थे। मजार पर पहुंचकर गूलपोसी व चादर पोसी करके मन्नतों मुरादों में मसगूल हो गए। बारी-बारी लोगों ने अपनी-अपनी चादर बाबा के मजार पर चढ़ाई इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए मदरसा हनफिया के मौलाना हशशाम जाफरी ने तकरीर किया। इससे पहले शेर वाली मस्जिद के पेशे इमाम कारी जिया ने नात पढा। पूरी रात कौवालों द्वारा कौवाली गाने का सिलसिला चलता रहा। इस मौके पर मोहम्मद आफाक, इसफान, अलाऊद्दीन, मो. जमील, मो. लतीफ, सफीक, इम्तेयाज अहमद, मुनव्वर, सरदार हुसैन, हलीम बाबा, महबूब बाबा, जुबैर अहमद, मुनीर अहमद, गुलाम हुसैन आदि उपस्थित रहे।
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