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...तो कब्जा निकलेगा 1000 एकड़ सार्वजनिक भूमि पर ?
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:09 AM IST
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जौनपुर। जिले में खलिहान, आबादी, पोखरी, भीटा, नवीन परती, खेल मैदान, चारागाह की दो हजार एकड़ से अधिक सार्वजनिक जमीन है। इसमें एक हजार एकड़ से अधिक भूमि पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। तकरीबन 500 एकड़ सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने के मुकदमा तहसीलों में लंबित है। यूं तो प्रशासन को भूमाफिया चिह्नित सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराना था लेकिन प्रशासन शिकायतों के आधार पर अवैध कब्जे हटवाकर कर मुक्त हो जाना चाहता है।
सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की 1400 से अधिक शिकायतें आठ जनवरी तक प्रशासन के पोर्टल पर दर्ज कराई गई थीं, जिसमें 1337 निस्तारण का दावा जिला प्रशासन कर रहा है। इसमें ज्यादातर मामले छोटे-मोटे कब्जों के हैं। बड़ों को बेदखल करने की हिम्मत अधिकारी नहीं जुटा पाए हैं। जिले में 1773 ग्रामसभाएं और 3386 राजस्व गांव हैं। इन गांवों के अधिकांश खेल मैदान, चारागाह, पोखरी और खलिहानों पर कब्जे हो चुके हैं। जानकारों का कहना है कि गांव जमीन पर कब्जा करने वाले बड़े लोगों की संख्या 500 से ज्यादा है। इसमें कुछ दबंग नेता और सेवानिवृत्त अफसर शामिल हैं। मगर प्रशासन महज 68 भूमाफिया ही चिह्नित कर पाया है। शाहगंज में 33, बदलापुर में 8, केराकत में 3, मडिय़ाहूं में 6, मछलीशहर में 11 और सदर 7 स्थानों पर अवैध कब्जा हटाया गया है और 72 से अधिक मामले निस्तारित कर 22 लोगों पर केस दर्ज कराया गया है। राजनीतिक संरक्षण और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कई लोग इस सूची से बाहर होने में कामयाब हो चुके हैं।
लेखपाल और ग्राम प्रधान हो रहे मालामाल
जौनपुर। इस अभियान में कार्रवाई हो या न हो, लेकिन लेखपालों और ग्राम प्रधानों की आमदनी बढ़ गई है। दो माह तक चलाए जाने वाले इस अभियान को लेकर गांव-गांव के लोग लेखपाल और ग्राम प्रधान से जुगाड़ लगा रहे हैं। कोई ऐसा गांव नहीं है जहां पोखरी, नवीन परती, खलिहान, चारागाह पर कब्जा न हो। कई गांव तो ऐसे हैं जहां बिल्डिंग खड़ी हो गई है। ऐसे लोगों को लेखपाल जानते हैं और अपने दलालों के माध्यम से ऐसे लोगों डरा धमकाकर वसूली करने में लगे हैं। उदाहरण के तौर पर रामपुर विकासखंड में सार्वजनिक भूमि पर एक इंटरमीडिएट कालेज खड़ा हो गया है। जिसके प्रबंधक से मोलभाव लेखपालों ने शुरू कर दिया है। यह तो सिर्फ बानगी भर है। सैकड़ों ऐसी शिकायतें आ रही हैं। और तो और लोगों ने सार्वजनिक गलियां, सड़कों और धार्मिक स्थलों पर भी कब्जा कर लिया है। बरसठी क्षेत्र में पार्क की जमीन पर कालेज तक बनाया गया है लेकिन ऐसे लोगों को नोटिस तक नहीं भेजा गया है।
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जो शिकायतें आई है। उसमें तकरीबन 1350 का निस्तारण करा दिया गया है। अभियान चलाकर सार्वजनकि भूमि थपर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।-रमेश मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व
सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की 1400 से अधिक शिकायतें आठ जनवरी तक प्रशासन के पोर्टल पर दर्ज कराई गई थीं, जिसमें 1337 निस्तारण का दावा जिला प्रशासन कर रहा है। इसमें ज्यादातर मामले छोटे-मोटे कब्जों के हैं। बड़ों को बेदखल करने की हिम्मत अधिकारी नहीं जुटा पाए हैं। जिले में 1773 ग्रामसभाएं और 3386 राजस्व गांव हैं। इन गांवों के अधिकांश खेल मैदान, चारागाह, पोखरी और खलिहानों पर कब्जे हो चुके हैं। जानकारों का कहना है कि गांव जमीन पर कब्जा करने वाले बड़े लोगों की संख्या 500 से ज्यादा है। इसमें कुछ दबंग नेता और सेवानिवृत्त अफसर शामिल हैं। मगर प्रशासन महज 68 भूमाफिया ही चिह्नित कर पाया है। शाहगंज में 33, बदलापुर में 8, केराकत में 3, मडिय़ाहूं में 6, मछलीशहर में 11 और सदर 7 स्थानों पर अवैध कब्जा हटाया गया है और 72 से अधिक मामले निस्तारित कर 22 लोगों पर केस दर्ज कराया गया है। राजनीतिक संरक्षण और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कई लोग इस सूची से बाहर होने में कामयाब हो चुके हैं।
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लेखपाल और ग्राम प्रधान हो रहे मालामाल
जौनपुर। इस अभियान में कार्रवाई हो या न हो, लेकिन लेखपालों और ग्राम प्रधानों की आमदनी बढ़ गई है। दो माह तक चलाए जाने वाले इस अभियान को लेकर गांव-गांव के लोग लेखपाल और ग्राम प्रधान से जुगाड़ लगा रहे हैं। कोई ऐसा गांव नहीं है जहां पोखरी, नवीन परती, खलिहान, चारागाह पर कब्जा न हो। कई गांव तो ऐसे हैं जहां बिल्डिंग खड़ी हो गई है। ऐसे लोगों को लेखपाल जानते हैं और अपने दलालों के माध्यम से ऐसे लोगों डरा धमकाकर वसूली करने में लगे हैं। उदाहरण के तौर पर रामपुर विकासखंड में सार्वजनिक भूमि पर एक इंटरमीडिएट कालेज खड़ा हो गया है। जिसके प्रबंधक से मोलभाव लेखपालों ने शुरू कर दिया है। यह तो सिर्फ बानगी भर है। सैकड़ों ऐसी शिकायतें आ रही हैं। और तो और लोगों ने सार्वजनिक गलियां, सड़कों और धार्मिक स्थलों पर भी कब्जा कर लिया है। बरसठी क्षेत्र में पार्क की जमीन पर कालेज तक बनाया गया है लेकिन ऐसे लोगों को नोटिस तक नहीं भेजा गया है।
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जो शिकायतें आई है। उसमें तकरीबन 1350 का निस्तारण करा दिया गया है। अभियान चलाकर सार्वजनकि भूमि थपर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।-रमेश मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व