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मकान मालिकों से अधिकारियों की हुए नोक झोंक
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:29 AM IST
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शाहगंज। उप जिलाधिकारी जेएन सचान व क्षेत्राधिकारी अवधेश शुक्ला की बुधवार को उस समय मकान मालिकों के नोक झोक हुई, जब वे सड़कों के चौड़ीकरण के लिए चल रहे मकानों की तोड़फोड़ का जायजा ले रहे थे। इस दौरान उनको जगह-जगह मकान मालिक और किरायेदारों के विरोध का सामना करना पड़ा।
नगर के मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों ओर स्थित भवनों के मकान स्वामी तोडफ़ोड़ करके अपना निर्माण हटा रहे हैं। इस काम का जायजा लेने के लिए बुधवार की दोपहर में उप जिलाधिकारी जेएन सचान, क्षेत्राधिकारी अवधेश शुक्ला व प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार टीम के साथ पहुंचे। अधिकारी मुख्य मार्ग पर भ्रमण कर रहे थे और रास्ते में उनको कहीं किरायेदारों ने रोका तो कहीं मकान मालिकों ने अपनी समस्या उनके सामने रखी। किरायेदारों का कहना था कि तोडफ़ोड़ के नाम पर मकान मालिक उनको दुकान से निकाल देना चाहते हैं। दूसरी तरफ मकान मालिक अपना दर्द बयान कर रहे थे। उनका कहना था कि भवन का मालिकाना हक उनके पास है। तोडफ़ोड़ की जिम्मेदारी उनकी है। किराएदार इस काम में व्यवधान उत्पन्न करना चाहते हैं। उनकी बिल्डिंग बड़ी है। अगर तोडफ़ोड़ ठीक से नहीं किया गया तो मकानों की क्षति भी हो सकती है। ऐसे में किराएदार अगर हस्तक्षेप करेंगे तो निर्माण को हटा पाना मुश्किल होगा। इस दौरान कई जगहों पर लोगों की अधिकारियों से तीखीं नोंकझोंक भी हुई। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। विरोध के चलते अधिकारी वहां से निकल कर कोतवाली जाकर बैठ गए। फिलहाल नगर में मकानों में तोडफ़ोड़ का काम तेजी के साथ चल रहा है। सड़क पर पड़े मलबे से रास्ता तो अवरुद्ध है। साथ ही नालियां में जाम हो गई हैं। जिससे जलभराव की स्थिति बन रही है।
नगर के मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों ओर स्थित भवनों के मकान स्वामी तोडफ़ोड़ करके अपना निर्माण हटा रहे हैं। इस काम का जायजा लेने के लिए बुधवार की दोपहर में उप जिलाधिकारी जेएन सचान, क्षेत्राधिकारी अवधेश शुक्ला व प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार टीम के साथ पहुंचे। अधिकारी मुख्य मार्ग पर भ्रमण कर रहे थे और रास्ते में उनको कहीं किरायेदारों ने रोका तो कहीं मकान मालिकों ने अपनी समस्या उनके सामने रखी। किरायेदारों का कहना था कि तोडफ़ोड़ के नाम पर मकान मालिक उनको दुकान से निकाल देना चाहते हैं। दूसरी तरफ मकान मालिक अपना दर्द बयान कर रहे थे। उनका कहना था कि भवन का मालिकाना हक उनके पास है। तोडफ़ोड़ की जिम्मेदारी उनकी है। किराएदार इस काम में व्यवधान उत्पन्न करना चाहते हैं। उनकी बिल्डिंग बड़ी है। अगर तोडफ़ोड़ ठीक से नहीं किया गया तो मकानों की क्षति भी हो सकती है। ऐसे में किराएदार अगर हस्तक्षेप करेंगे तो निर्माण को हटा पाना मुश्किल होगा। इस दौरान कई जगहों पर लोगों की अधिकारियों से तीखीं नोंकझोंक भी हुई। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। विरोध के चलते अधिकारी वहां से निकल कर कोतवाली जाकर बैठ गए। फिलहाल नगर में मकानों में तोडफ़ोड़ का काम तेजी के साथ चल रहा है। सड़क पर पड़े मलबे से रास्ता तो अवरुद्ध है। साथ ही नालियां में जाम हो गई हैं। जिससे जलभराव की स्थिति बन रही है।
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