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50 फीसदी किसानों का नहीं हुआ भुगतान
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:21 AM IST
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जौनपुर। गन्ना खरीद में आई समस्याओं से उबरने के बाद अब किसान भुगतान को लेकर परेशान हैं। अभी तक जिले के तीन सौ किसानों 88 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद हुई है जिसका मूल्य दो करोड़ 68 लाख रुपये है। अभी तक महज पचास फीसदी किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। किसानों का अभी एक करोड़ 39 लाख रुपये बकाया है। वंचित किसान भुगतान के लिए जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
जिले में 2887 हेक्टेयर में गन्ने की पैदावार होती है। यहां के गन्ना किसान अंबेडकरनगर के अकबरपुर और आजमगढ़ के सठियांव चीनी मिल को अपना गन्ना भेजते हैं। किसानों का गन्ना खरीदने के लिए कुल 11 गन्ना तौल केंद्र बनाए गए हैं। सुईथाकला, शंभूगंज, महराजगंज, बदलापुर, बजरंगनगर, खुटहन, गुलालपुर, मुफ्तीगंज, सरायमोहीद्दीनपुर आदि स्थानों पर तौल केंद्र खोले गए हैं। पिछले दिनों गुलालपुर केंद्र पर ठेकेदार की ओर से ट्रक उपलब्ध नहीं कराने के कारण किसानों का गन्ना तौल के बाद डंप था जिससे अन्य किसानों का गन्ना खरीद ठप पड़ा हुआ था। यह समस्या समाप्त हुई तो किसानों के सामने भुगतान की समस्या पैदा हो गई। फिलहाल सभी तौल केंद्रों पर खरीद किया जा रहा है। गन्ना की खरीद मार्च 2018 तक होनी है। जिले में चार लाख क्विंटल गन्ना खरीदने का लक्ष्य है लेकिन अभी तक 300 किसानों से 88 हजार क्विंटल गन्ना खरीदा गया है। इस गन्ने का मूल्य दो करोड़ 68 लाख रुपये है। अभी तक मात्र एक करोड़ 29 लाख रुपये ही किसानों के खाते में भेजे गए हैं। अभी एक करोड़ 39 लाख रुपये किसानों का भुगतान किया जाना बाकी है। किसान गन्ने की धनराशि पाने के लिए विभाग का चक्कर काटने को विवश हो रहे हैं।
जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी गन्ने की धनराशि किसानों के खाते में ऑनलाइन भेजी जा रही है। इसकी वजह से समय लग रहा है। शीघ्र ही बकाये की धनराशि किसानों के खाते में भेज दी जाएगी। सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना की खरीद की जा रही है।
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जिले में 2887 हेक्टेयर में गन्ने की पैदावार होती है। यहां के गन्ना किसान अंबेडकरनगर के अकबरपुर और आजमगढ़ के सठियांव चीनी मिल को अपना गन्ना भेजते हैं। किसानों का गन्ना खरीदने के लिए कुल 11 गन्ना तौल केंद्र बनाए गए हैं। सुईथाकला, शंभूगंज, महराजगंज, बदलापुर, बजरंगनगर, खुटहन, गुलालपुर, मुफ्तीगंज, सरायमोहीद्दीनपुर आदि स्थानों पर तौल केंद्र खोले गए हैं। पिछले दिनों गुलालपुर केंद्र पर ठेकेदार की ओर से ट्रक उपलब्ध नहीं कराने के कारण किसानों का गन्ना तौल के बाद डंप था जिससे अन्य किसानों का गन्ना खरीद ठप पड़ा हुआ था। यह समस्या समाप्त हुई तो किसानों के सामने भुगतान की समस्या पैदा हो गई। फिलहाल सभी तौल केंद्रों पर खरीद किया जा रहा है। गन्ना की खरीद मार्च 2018 तक होनी है। जिले में चार लाख क्विंटल गन्ना खरीदने का लक्ष्य है लेकिन अभी तक 300 किसानों से 88 हजार क्विंटल गन्ना खरीदा गया है। इस गन्ने का मूल्य दो करोड़ 68 लाख रुपये है। अभी तक मात्र एक करोड़ 29 लाख रुपये ही किसानों के खाते में भेजे गए हैं। अभी एक करोड़ 39 लाख रुपये किसानों का भुगतान किया जाना बाकी है। किसान गन्ने की धनराशि पाने के लिए विभाग का चक्कर काटने को विवश हो रहे हैं।
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जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी गन्ने की धनराशि किसानों के खाते में ऑनलाइन भेजी जा रही है। इसकी वजह से समय लग रहा है। शीघ्र ही बकाये की धनराशि किसानों के खाते में भेज दी जाएगी। सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना की खरीद की जा रही है।
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