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कर्ब ला के प्यासे शहीदों की याद में लगी विशाल सबील
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:50 AM IST
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जौनपुर। कर्बला के प्यासे शहीद हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत की याद में हुसैन फार जस्टिस की ओर से रविवार को कोतवाली चौराहे पर सबील का आयोजन किया गया। सबील में मौजूद लोगों ने आने जाने वालों में फल, बिस्किट, नमकीन बांटा और उन्हें पानी पिलाया।
सबील का उद्घाटन सांसद डा. केपी सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू और धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी ने किया। इस मौके पर डा. केपी सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान के सभी धर्मों के लोगों ने सदियों से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद को जिंदा किया है। ये एक ऐसी विरासत है जो आज भी फल फूल रही है। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से अन्याय और जुल्म से लड़ने की प्रेरणा मिलती है। एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने कहा कि आज इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और कर्बला का वाक्या दुनिया भर के लोगों को आजादी और इंसाफ पसंद लोगों को प्रेरित करता है। धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि जब इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से जालिमों ने घुटने टेकने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जानते थे कि उनके इनकार करने की वजह से उनको मौत का सामना करना पड़ेगा। अगर वे नाइंसाफी और जुल्म के सामने सर झुका देते तो फिर इंसानियत शर्मसार होती और ये उनके दीन के साथ विश्वासघात होता। ऐसी स्थिति में उन्होंने मौत को गले लगाना उचित समझा। आज उन्हीं प्यासों की याद में सबील आयोजित हो रही है। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, पूर्व सभासद गप्पू मौर्य, शिया इंटर कालेज के नजमुल हसन नजमी, शहर कोतवाल शशिभूषण राय, सांसद प्रतिनिधि विनोद तिवारी, कमाल आजमी, सरदार हुसैन बबलू ,रोहित खान, हसनैन कमर दीपू, परवेज हसन, अफसर, असगर हुसैन जैदी, प्रभाष मौर्य, तहसीन अब्बास सोनी, आरिफ़ हुसैनी, कुमैल, हमजा जैदी, फिरोज अहमद, आजम जैदी, अब्बास हैदर, कमर भाई, रिजवान हैदर राजा , मोहम्मद सोहराब मौजूद रहे ।
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सबील का उद्घाटन सांसद डा. केपी सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू और धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी ने किया। इस मौके पर डा. केपी सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान के सभी धर्मों के लोगों ने सदियों से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद को जिंदा किया है। ये एक ऐसी विरासत है जो आज भी फल फूल रही है। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से अन्याय और जुल्म से लड़ने की प्रेरणा मिलती है। एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने कहा कि आज इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और कर्बला का वाक्या दुनिया भर के लोगों को आजादी और इंसाफ पसंद लोगों को प्रेरित करता है। धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि जब इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से जालिमों ने घुटने टेकने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जानते थे कि उनके इनकार करने की वजह से उनको मौत का सामना करना पड़ेगा। अगर वे नाइंसाफी और जुल्म के सामने सर झुका देते तो फिर इंसानियत शर्मसार होती और ये उनके दीन के साथ विश्वासघात होता। ऐसी स्थिति में उन्होंने मौत को गले लगाना उचित समझा। आज उन्हीं प्यासों की याद में सबील आयोजित हो रही है। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, पूर्व सभासद गप्पू मौर्य, शिया इंटर कालेज के नजमुल हसन नजमी, शहर कोतवाल शशिभूषण राय, सांसद प्रतिनिधि विनोद तिवारी, कमाल आजमी, सरदार हुसैन बबलू ,रोहित खान, हसनैन कमर दीपू, परवेज हसन, अफसर, असगर हुसैन जैदी, प्रभाष मौर्य, तहसीन अब्बास सोनी, आरिफ़ हुसैनी, कुमैल, हमजा जैदी, फिरोज अहमद, आजम जैदी, अब्बास हैदर, कमर भाई, रिजवान हैदर राजा , मोहम्मद सोहराब मौजूद रहे ।
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