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चार नामजद समेत नौ के खिलाफ केस दर्ज
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:47 AM IST
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चार नामजद समेत नौ के खिलाफ केस दर्ज
बरसठी। रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर तिराहे के पास शनिवार की शाम पूर्व जिलापंचायत सदस्य तौहीद आलम को गोली मारने के मामले में पुलिस ने सोमवार को चार नामजद समेत नौ के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई घायल तौहीद आलम के ईंट भंट्ठे पर तैनात मुंशी निसार अहमद की तहरीर पर की है। पुलिस अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज होने के बाद दोपहर में भाऊपुर गांव की अल्पसंख्यक बस्ती के लोगों के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी। घटना को लेकर अभी भी तनाव है। एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात है।
पुलिस ने जिन चार नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है उसमें गोपालापुर निवासी ज्वेलरी व्यवसायी उमाकांत बरनवाल, उनके बड़े पुत्र विवेक बरनवाल, छोटे पुत्र वैभव बरनवाल और गांव के बृजेश उपाध्याय बबलू समेत पांच अज्ञात लोग शामिल हैं। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और साजिश करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर तीन बजे चक्का जाम करने की सूचना पर सोमवार को पांच बजे सीओ सीटी, सीओ रामभवन यादव, और एसडीएम मडिय़ाहू अयोध्या प्रसाद भाऊपुर गांव पहुंचकर वार्ता के लिए अल्पसंख्यकों के साथ बैठक की। लोगों ने नामजद आरोपियो की गिरफ्तारी और दरोगा संतोष दीक्षित को निलम्बित करने की मांग की। पुलिस ने कहा गिरफ्तारी अभी सम्भव नहीं है। दरोगा को हटाया नही जाएगा बल्कि दरोगा को विवेचना से दूर रखा जाएगा। जिस पर मुस्लिमों ने कहा की दरोगा विवेचना वाले अधिकारी के पास बैठकर अपने अनुसार विवेचना कराएगे। यह कहकर मुस्लिम वहां से हटने लगे और वार्ता विफल हो गई।
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बरसठी। रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर तिराहे के पास शनिवार की शाम पूर्व जिलापंचायत सदस्य तौहीद आलम को गोली मारने के मामले में पुलिस ने सोमवार को चार नामजद समेत नौ के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई घायल तौहीद आलम के ईंट भंट्ठे पर तैनात मुंशी निसार अहमद की तहरीर पर की है। पुलिस अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज होने के बाद दोपहर में भाऊपुर गांव की अल्पसंख्यक बस्ती के लोगों के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी। घटना को लेकर अभी भी तनाव है। एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात है।
पुलिस ने जिन चार नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है उसमें गोपालापुर निवासी ज्वेलरी व्यवसायी उमाकांत बरनवाल, उनके बड़े पुत्र विवेक बरनवाल, छोटे पुत्र वैभव बरनवाल और गांव के बृजेश उपाध्याय बबलू समेत पांच अज्ञात लोग शामिल हैं। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और साजिश करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर तीन बजे चक्का जाम करने की सूचना पर सोमवार को पांच बजे सीओ सीटी, सीओ रामभवन यादव, और एसडीएम मडिय़ाहू अयोध्या प्रसाद भाऊपुर गांव पहुंचकर वार्ता के लिए अल्पसंख्यकों के साथ बैठक की। लोगों ने नामजद आरोपियो की गिरफ्तारी और दरोगा संतोष दीक्षित को निलम्बित करने की मांग की। पुलिस ने कहा गिरफ्तारी अभी सम्भव नहीं है। दरोगा को हटाया नही जाएगा बल्कि दरोगा को विवेचना से दूर रखा जाएगा। जिस पर मुस्लिमों ने कहा की दरोगा विवेचना वाले अधिकारी के पास बैठकर अपने अनुसार विवेचना कराएगे। यह कहकर मुस्लिम वहां से हटने लगे और वार्ता विफल हो गई।
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