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सीएचसी के अधीक्षक ने डॉक्टर को पीटा
Updated Sun, 08 Oct 2017 12:23 AM IST
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सुजानगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानगंज में शनिवार को चिकित्सा अधीक्षक और डाक्टरों में विवाद हो गया। आरोप है कि इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक ने एक डाक्टर की पिटाई कर दी। एक महिला कर्मचारी ने भी चिकित्सा अधीक्षक पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। दोनों पीड़ितों ने थाने में तहरीर दी है। केस अभी दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, चिकित्सा अधीक्षक ने मारपीट और बदसलूकी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानगंज में तैनात डॉ. रमेश ने शनिवार को पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाते हुए कहा है कि कई दिनों से अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं करवा रहे हैं। अस्पताल में तैनात डा. मनीष केशरवानी, डा. गोपेश ने भी ऐसा ही आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि इस बात की शिकायत लेकर डाक्टर जब वे चिकित्सा अधीक्षक के पास गए तो चिकित्सा अधीक्षक ने डाक्टरों के साथ गालीगलौज की। चिकित्सा अधीक्षक ने मुझे (डा. रमेश) के गाल पर पांच-छह तमाचे जड़ दिए। अस्पताल में बीपीसीएम के पद पर तैनात महिला कर्मचारी दीपिका मौर्य ने भी थाने में दी गई अपने तहरीर में आरोप लगाया है कि चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय कुमार सिंह रोज रात को आठ बजे बैठक के लिए अपने कमरे पर बुलाते थे। न जाने पर मुझे ड्यूटी से अनुपस्थित कर देते थे । कई दिनों से पूजा के लिए छुट्टी मांग रही हूं लेकिन उनका मेडिकल भी वापस कर दिया और मेरे हाथ से मेरा मोबाइल छीनकर मेरी गैलरी की फोटो देखने लगे।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय कुमार सिंह ने कहा कि दीपिका मौर्या के सारे आरोप झूठे हैं। जहां तक डा. रमेश से मारपीट की बात है तो उन्होंने एक मेडिकल संचालक के इशारे पर आफिस के जरूरी दस्तावेज छीनकर फाड़ दिया। मना करने पर उन्होंने मुझसे मारपीट की। मैंने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है। उधर, सूचना पर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानगंज में तैनात डॉ. रमेश ने शनिवार को पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाते हुए कहा है कि कई दिनों से अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं करवा रहे हैं। अस्पताल में तैनात डा. मनीष केशरवानी, डा. गोपेश ने भी ऐसा ही आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि इस बात की शिकायत लेकर डाक्टर जब वे चिकित्सा अधीक्षक के पास गए तो चिकित्सा अधीक्षक ने डाक्टरों के साथ गालीगलौज की। चिकित्सा अधीक्षक ने मुझे (डा. रमेश) के गाल पर पांच-छह तमाचे जड़ दिए। अस्पताल में बीपीसीएम के पद पर तैनात महिला कर्मचारी दीपिका मौर्य ने भी थाने में दी गई अपने तहरीर में आरोप लगाया है कि चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय कुमार सिंह रोज रात को आठ बजे बैठक के लिए अपने कमरे पर बुलाते थे। न जाने पर मुझे ड्यूटी से अनुपस्थित कर देते थे । कई दिनों से पूजा के लिए छुट्टी मांग रही हूं लेकिन उनका मेडिकल भी वापस कर दिया और मेरे हाथ से मेरा मोबाइल छीनकर मेरी गैलरी की फोटो देखने लगे।
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इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय कुमार सिंह ने कहा कि दीपिका मौर्या के सारे आरोप झूठे हैं। जहां तक डा. रमेश से मारपीट की बात है तो उन्होंने एक मेडिकल संचालक के इशारे पर आफिस के जरूरी दस्तावेज छीनकर फाड़ दिया। मना करने पर उन्होंने मुझसे मारपीट की। मैंने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है। उधर, सूचना पर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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