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एक साथ 21 ग्राम पंचायतों में हुई जांच
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:35 AM IST
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जौनपुर। विकास कार्यों में अनियमितता, योजनाओं का लाभ अपात्रों को पहुंचाने और पैसे लेने की शिकायत पर चिह्नित 21 ग्राम पंचायतों में हुई जांच के बाद नोडल अधिकारियों ने मुख्य विकास अधिकारी को गुरुवार की शाम जांच रिपोर्ट सौंप दी है। शिकायत सही पाने पर संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। जांच कार्रवाई से ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिले के अलग-अलग ब्लाकों के कई ग्राम पंचायतों में पैसे लेने, विकास कार्यों में अनियमितता और अपात्रों को योजनाओं का लाभ देने आदि शिकायतें मिली थीं। इसको गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने सबसे अधिक शिकायत वाले ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया था। इन ग्राम पंचायतों में बदलापुर ब्लाक के बहरीपुर, बक्शा के गढ़ाबाघराय, बरसठी के पिलकिथुवा, खुटहन के टिसौली, मछलीशहर के छादूपुर कसेरवा, महराजगंज के कोल (पूराबलई), मडिय़ाहूं गंगौरा, मुंगराबादशाहपुर के नरायनडीह, रामनगर के नोकरा, रामपुर के पट्टीजियाराय, शाहगंज के सिंधाई, सुइथाकला के पूरासंभलशाह, सुजानगंज के तिलहरा, धर्मापुर के विशेषरपुर, डोभी के बोड़सरखुर्द, जलालपुर के सुईरी, करंजाकला के कुकहां, केराकत के कुसरना, मुफ्तीगंज के कटहरी, सिकरारा के गोनापार व सिरकोनी का जमैथा शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में एक जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप तैनात कर जांच कराई गई। सभी नोडल अधिकारियों को गुरुवार को अपने-अपने संबंधित ग्राम पंचायतों में जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, एनआरएलएम व ग्रामीण पेयजल योजना के तहत कराए गए कार्यों की स्थलीय जांच की। सभी नोडल अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है। सीडीओ आलोक सिंह ने बताया कि योजनाओं व विकास कार्यों में अनियमितता, पैसा लेने व अपात्रों का चयन करने आदि की शिकायतें मिली थी। जिन 21 ग्राम पंचायतों की शिकायत मिली थी, वहां गुरुवार को जांच कराई गई। रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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जिले के अलग-अलग ब्लाकों के कई ग्राम पंचायतों में पैसे लेने, विकास कार्यों में अनियमितता और अपात्रों को योजनाओं का लाभ देने आदि शिकायतें मिली थीं। इसको गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने सबसे अधिक शिकायत वाले ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया था। इन ग्राम पंचायतों में बदलापुर ब्लाक के बहरीपुर, बक्शा के गढ़ाबाघराय, बरसठी के पिलकिथुवा, खुटहन के टिसौली, मछलीशहर के छादूपुर कसेरवा, महराजगंज के कोल (पूराबलई), मडिय़ाहूं गंगौरा, मुंगराबादशाहपुर के नरायनडीह, रामनगर के नोकरा, रामपुर के पट्टीजियाराय, शाहगंज के सिंधाई, सुइथाकला के पूरासंभलशाह, सुजानगंज के तिलहरा, धर्मापुर के विशेषरपुर, डोभी के बोड़सरखुर्द, जलालपुर के सुईरी, करंजाकला के कुकहां, केराकत के कुसरना, मुफ्तीगंज के कटहरी, सिकरारा के गोनापार व सिरकोनी का जमैथा शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में एक जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप तैनात कर जांच कराई गई। सभी नोडल अधिकारियों को गुरुवार को अपने-अपने संबंधित ग्राम पंचायतों में जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, एनआरएलएम व ग्रामीण पेयजल योजना के तहत कराए गए कार्यों की स्थलीय जांच की। सभी नोडल अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है। सीडीओ आलोक सिंह ने बताया कि योजनाओं व विकास कार्यों में अनियमितता, पैसा लेने व अपात्रों का चयन करने आदि की शिकायतें मिली थी। जिन 21 ग्राम पंचायतों की शिकायत मिली थी, वहां गुरुवार को जांच कराई गई। रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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