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मरीज परेशान, समय से नहीं बैठते अधिकारी

Sun, 06 Aug 2017 12:36 AM IST
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:36 AM IST
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मरीज परेशान, समय से नहीं बैठते अधिकारी
जौनपुर। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की सरकार की कवायदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। सरकार की सख्ती के बाद भी जिला अस्पताल में न तो डाक्टर समय से बैठ रहे हैं और न ही जरूरी दवाओं की उपलब्धता है। बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। चिकित्सकों के समय से नहीं बैठने के कारण रोगियों को मजबूर होकर निजी डाक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में एंटी बायोटिक दवा की किल्लत बनी हुई है।
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बरसात के मौसम में लोग खांसी, बुखार, जुकाम, उल्टी, पेट दर्द आदि बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इन बीमारियों से पीड़ित 250 मरीज छह दिनों के अंदर जिला अस्पताल आ चुके हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो विभिन्न बीमारियों पीड़ित करीब करीब छह सौ मरीज आते हैं। मरीजों का आरोप है कि चिकित्सक समय से अस्पताल में नहीं बैठते हैं। शनिवार को ओपीडी के एक दो डाक्टरों को छोड़ कई चिकित्सक 11 बजे तक नहीं बैठे थे। डा. जेपी त्रिपाठी सहित कई चिकित्सक नहीं 11 बजे नहीं थे जबकि उनको दिखाने के लिए मरीजों का तांता लगा था। मरीजों की मानें तो वे अस्पताल खुलने के समय से चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन 11 बजे तक चिकित्सक नहीं बैठे थे। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में दवा की कमी बताकर बाहर की दवा लिखी जा रही है। ककोरी गांव निवासी गुलाबचंद्र का कहना है कि पेट दर्द होने पर वह डा. जेपी त्रिपाठी को दिखाने आए हैं। 11 बजने जा रहा है लेकिन अभी तक वे नहीं बैठे हैं। अब वह वापस जा रहा है। तरसंड गांव निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल खुलने के समय ही वह आ गए। उनके सीने में दर्द है। डाक्टर ने बाहर की दवा लिखी है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसके पांडेय ने बताया कि डाक्टरों की कमी है। इसके चलते डाक्टरों को वार्डों में भी जाकर मरीजों को चेक करना पड़ता है। इससे वे समय से अपने कमरों में नहीं बैठ पाते हैं। अप्रैल में ही दवाओं की मांग की गई लेकिन दवाएं नहीं उपलब्ध कराई गईं। इसके चलते मरीजों को बाहर की भी दवाएं लिखनी पड़ रही हैं।
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