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पहले चरण में 36 हजार किसान होंगे लाभांवित
Updated Sat, 05 Aug 2017 12:04 AM IST
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जौनपुर। खेती के लिए ऋण लेने वाले किसानों की सूची सत्यापन के लिए तहसीलों को भेज दी गई। जिले में सरकार की ऋण माफी योजना के तहत 98 हजार 509 किसानों का ऋण माफ होना है। पहले चरण में 36 हजार किसानों के फसली ऋण माफ होंगे।
प्रदेश सरकार की ओर से 31 मार्च 2016 से पहले फसली ऋण जमा नहीं करने वाले लघु व सीमांत किसानों का ऋण माफ करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सरकार ने मानक भी निर्धारित किए हैं। इसके तहत जिले 98 हजार 509 किसानों का ऋण माफ होना है। इन किसानों का लगभग चार सौ करोड़ रुपये ऋण बकाया है, जो माफ होगा। बैंकों की ओर से इनकी सूची बनाकर शासन को भेजी गई थी। शासन ने वह सूची जिले में भेज दी है। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से योजना के अंतर्गत आने वाले सभी किसानों को अपने फसली ऋण खाते से आधार लिंक कराने का निर्देश दिया है। इस दौरान 22 जुलाई तक आधार लिंक कराने वाले किसानों को पहले चरण में लाभान्वित करने का फैसला लिया है। इस दौरान 36 हजार किसानों ने अपने फसली ऋण खाते से अपना आधार लिंक कराया था। इन किसानों की सूची सत्यापन के लिए तहसीलों पर भेज दी गई है। जहां लेखपाल उनके खेतों के विवरण की जांच कर सूची जिला मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद सत्यापन हो चुकी सूची में शामिल किसानों का ऋण माफ कर दिया जाएगा। हालांकि छूट के दायरे में आने वाले शेष बचे किसानों का उनके फसली ऋण खाते से आधार लिंक करने का कार्य किया जा रहा है। उनको भी लाभान्वित किया जाएगा। सीडीओ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि आधार लिंक करा चुके 36 हजार किसानों की सूची सत्यापन के लिए तहसील में भेजी गई है। लेखपाल किसानों की भूमि आदि का सत्यापन कर सूची फिर जिला मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद इन किसानों को पहले चरण में लाभान्वित कर दिया जाएगा। शेष किसान भी जैसे-जैसे अपना आधार लिंक कराते जाएंगे। वैसे -वैसे उनको भी लाभान्वित किया जाएगा।
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प्रदेश सरकार की ओर से 31 मार्च 2016 से पहले फसली ऋण जमा नहीं करने वाले लघु व सीमांत किसानों का ऋण माफ करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सरकार ने मानक भी निर्धारित किए हैं। इसके तहत जिले 98 हजार 509 किसानों का ऋण माफ होना है। इन किसानों का लगभग चार सौ करोड़ रुपये ऋण बकाया है, जो माफ होगा। बैंकों की ओर से इनकी सूची बनाकर शासन को भेजी गई थी। शासन ने वह सूची जिले में भेज दी है। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से योजना के अंतर्गत आने वाले सभी किसानों को अपने फसली ऋण खाते से आधार लिंक कराने का निर्देश दिया है। इस दौरान 22 जुलाई तक आधार लिंक कराने वाले किसानों को पहले चरण में लाभान्वित करने का फैसला लिया है। इस दौरान 36 हजार किसानों ने अपने फसली ऋण खाते से अपना आधार लिंक कराया था। इन किसानों की सूची सत्यापन के लिए तहसीलों पर भेज दी गई है। जहां लेखपाल उनके खेतों के विवरण की जांच कर सूची जिला मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद सत्यापन हो चुकी सूची में शामिल किसानों का ऋण माफ कर दिया जाएगा। हालांकि छूट के दायरे में आने वाले शेष बचे किसानों का उनके फसली ऋण खाते से आधार लिंक करने का कार्य किया जा रहा है। उनको भी लाभान्वित किया जाएगा। सीडीओ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि आधार लिंक करा चुके 36 हजार किसानों की सूची सत्यापन के लिए तहसील में भेजी गई है। लेखपाल किसानों की भूमि आदि का सत्यापन कर सूची फिर जिला मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद इन किसानों को पहले चरण में लाभान्वित कर दिया जाएगा। शेष किसान भी जैसे-जैसे अपना आधार लिंक कराते जाएंगे। वैसे -वैसे उनको भी लाभान्वित किया जाएगा।
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