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रुद्राभिषेक से मिलती है त्रैतापो से मुक्ति
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:34 AM IST
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खुटहन (जौनपुर)। क्षेत्र के महमदपुर गांव स्थित शिवमंदिर में शनिवार को सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक का किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। रुद्राभिषेक के बाद भंडारे का आयोजन कर प्रसाद का वितरित किया गया।
इस दौरान पं. रामप्यारे द्विवेदी महराज ने कहा कि रुद्राभिषेक सदैव सुखद फलदायी होता है। इसे श्रद्धा पूर्वक करने से मानव को दैहिक, दैविक और भौतिक तापों से मुक्ति मिल जाती है। श्रवण मास में किया गया अभिषेक और भी सुखकारी होता है। इस पवित्र माह में स्वयं भगवान शिव पृथ्वी पर विचरण करते रहते हैं। इसीलिए इस मास को शिव आराधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। रुद्राभिषेक मे मनवांक्षित फल प्राप्ति के लिए अलग-अलग विधाएं हैं। धन और पुत्र प्राप्ति के लिए गाय के दूध से, लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से, सर्व सुख हेतु मधु से, प्रतिष्ठा प्राप्त करने के लिए घीे, व्याधि निवारण के लिए कुश की जड़ से तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए गंगा जल से शिव का अभिषेक करना चाहिए। इस मौके पर पंडित अवशेष दूबे, विजय शंकर, संजय पाण्डेय, डॉ सुभाष चंद्र, पिंटू, बब्लू, मिन्टू, आभा, बेबी, मुरली यादव आदि ने अभिषेक किया। (ब्यूरो)
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इस दौरान पं. रामप्यारे द्विवेदी महराज ने कहा कि रुद्राभिषेक सदैव सुखद फलदायी होता है। इसे श्रद्धा पूर्वक करने से मानव को दैहिक, दैविक और भौतिक तापों से मुक्ति मिल जाती है। श्रवण मास में किया गया अभिषेक और भी सुखकारी होता है। इस पवित्र माह में स्वयं भगवान शिव पृथ्वी पर विचरण करते रहते हैं। इसीलिए इस मास को शिव आराधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। रुद्राभिषेक मे मनवांक्षित फल प्राप्ति के लिए अलग-अलग विधाएं हैं। धन और पुत्र प्राप्ति के लिए गाय के दूध से, लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से, सर्व सुख हेतु मधु से, प्रतिष्ठा प्राप्त करने के लिए घीे, व्याधि निवारण के लिए कुश की जड़ से तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए गंगा जल से शिव का अभिषेक करना चाहिए। इस मौके पर पंडित अवशेष दूबे, विजय शंकर, संजय पाण्डेय, डॉ सुभाष चंद्र, पिंटू, बब्लू, मिन्टू, आभा, बेबी, मुरली यादव आदि ने अभिषेक किया। (ब्यूरो)
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