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बाढ़ आई तो प्रभावित होगें 239 गांव 17-18-52
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:30 AM IST
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जौनपुर। तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश को लेकर बाढ़ की तैयारियां भी शुरू हो गई है। वैसे जिले की पांचों नदियों खतरे के निशान से काफी नीचे है। अगर बाढ़ आई तो 239 गांव प्रभावित हो सकते हैं। बाढ़ से सबसे अधिक गोमती नदी के किनारे वाले गांव प्रभावित होते हैं। इससे निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। बाढ़ राहत केंद्र, नाव, गोताखोर व बाढ़ चौकी आदि की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। वहीं स्वास्थ्य, जिलापूर्ति, पशुपालन व कृषि आदि विभागों द्वारा कार्य योजना भी बना लिया गया है। लेकिन अभी तक जिला व तहसील स्तर पर कंट्रोल रुम नहीं खोला जा सका है। जिले में मात्र तीन बार वर्ष 1971, 1981 व 1985 में बाढ़ आई थी। बाढ़ आने से शहर क्षेत्र सहित कई गांव प्रभावित हो गए थे। इसके बाद जिले में बाढ़ नहीं हैं। जबकि जिले में पांच नदियां गोमती, सई, पीली, बसुई व वरुणा बहती है। जिले की प्रमुख नदी गोमती में बाढ़ पहले आती है। जिससे गोमती नदी के किनारे स्थित केराकत तहसील क्षेत्र के कुछ गांव बाढ़ से हर साल प्रभावित होती हैं। उधर बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा इस साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित 239 गांवों का चयन किया गया है। 68 बाढ़ रहात केंद्र और 44 बाढ़ चौकी बनाने के लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है। वहीं 215 नाव व 32 गोताखोर की भी व्यवस्था कर ली गई है। साथ ही नाविकों व गोताखोरों का मोबाइल नंबर भी रख लिया गया है। लेकिन जिला स्तर व तहसील स्तर पर कंट्रोल रुम नहीं खोला गया है।
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