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मनरेगा में 12 हजार प्रवासियों को दिया गया काम
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जौनपुर। लाक डाउन के बाद से अभी तक जिले में मनरेगा के तहत 12 हजार 21 प्रवासी श्रमिकों को काम दिया गया है। जबकि जिले में 16 हजार 300 प्रवासी श्रमिकों ने काम करने की इच्छा जाताई थी,जिनका जाब कार्ड भी बना दिया गया है, जिसमें चार हजार 279 प्रवासी श्रमिकों ने काम नहीं मांगा है। जिससे उनको काम नहीं दिया गया है। इसके अलावां जिले में अभी तक एक लाख 14 हजार 500 मनरेगा जाबकार्ड धारक को काम दिया गया है।प्रवासी श्रमिकों सहित मनरेगा जाबकार्ड धारकों को मनरेगा के बजट से ही इस समय कच्चा काम करा कर काम दिया जा रहा है।
इस समय जिले में प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के बजट से ही काम कराया जा रहा है। इसके तहत तालाब खुदाई, नाला बनाने, मेड़बंदी करने, खेत समतलीकरण करने सहहित अन्य कच्चा काम कराया जा रहा है। ऐसे कार्य कराकर मनरेगा के तहत प्रवासी श्रमिकों को काम देने का कार्य किया जा रहा है। बता दें कि जिले में करीब तीन लाख प्रवासी श्रमिक आए हैं। इसमें से अभी तक 16 हजार 300 प्रवासी श्रमिक काम करने की इच्छा जताया है। जिनका जाबकार्ड बना दिया गया है, लेकिन मात्र 12 हजार 21 प्रवासी श्रमिकों ने ही काम की मांग की है। जिनको काम दिया गया है। इसके अलावां जिले में तीन लाख 70 हजार सक्रिय जाबकार्ड हैं, जिसमें से अभी तक एक लाख 14 हजार 500 जाबकार्ड धारकों को काम देने का कार्य किया गया है।
ग्राम पंचायत से नहीं, इस समय मनरेगा के बजट से कच्चा काम कराकर प्रवासी श्रमिकों को काम देने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक काम मांगने वाले 12 हजार 21 प्रवासी श्रमिकों को काम दिया गया है। इसके अलावां एक लाख 14 हजार 500 जाबकार्ड धारकों को काम दिया गया है। मनरेगा में बजट की कमी नहीं है। - भूपेंद्र कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा
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इस समय जिले में प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के बजट से ही काम कराया जा रहा है। इसके तहत तालाब खुदाई, नाला बनाने, मेड़बंदी करने, खेत समतलीकरण करने सहहित अन्य कच्चा काम कराया जा रहा है। ऐसे कार्य कराकर मनरेगा के तहत प्रवासी श्रमिकों को काम देने का कार्य किया जा रहा है। बता दें कि जिले में करीब तीन लाख प्रवासी श्रमिक आए हैं। इसमें से अभी तक 16 हजार 300 प्रवासी श्रमिक काम करने की इच्छा जताया है। जिनका जाबकार्ड बना दिया गया है, लेकिन मात्र 12 हजार 21 प्रवासी श्रमिकों ने ही काम की मांग की है। जिनको काम दिया गया है। इसके अलावां जिले में तीन लाख 70 हजार सक्रिय जाबकार्ड हैं, जिसमें से अभी तक एक लाख 14 हजार 500 जाबकार्ड धारकों को काम देने का कार्य किया गया है।
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ग्राम पंचायत से नहीं, इस समय मनरेगा के बजट से कच्चा काम कराकर प्रवासी श्रमिकों को काम देने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक काम मांगने वाले 12 हजार 21 प्रवासी श्रमिकों को काम दिया गया है। इसके अलावां एक लाख 14 हजार 500 जाबकार्ड धारकों को काम दिया गया है। मनरेगा में बजट की कमी नहीं है। - भूपेंद्र कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा
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