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स्कूल वाहनों से शहर में लगता है जाम!

Fri, 11 Jan 2019 01:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 01:03 AM IST
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स्कूल वाहनों से शहर में लगता है जाम!
जौनपुर। शहर में जाम की समस्या के लिए स्कूल वाहन भी एक प्रमुख वजह हैं। पूर्व में स्कूल संचालकों के साथ हुई बैठक में जिला प्रशासन ने निर्देश दिया था कि स्कूल संचालक शहर के अंदर छोटी गाड़ियों को भेजेंगे लेकिन ढाई महीना बीतने के बाद भी बड़ी बसों पर अंकुश नहीं लगाया गया। इसकी वजह से हर रोज जाम में पांच हजार से अधिक छात्र फंसकर परेशान हो रहे हैं। यही नहीं, जाम लगने से पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। जिसमें एंबुलेंस भी फंस जाते हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद 50 से अधिक स्कूूलों को यातायात पुलिस ने नोटिस दिया था लेकिन अभी भी धड़ल्ले से बड़ी बसें चल रही हैं। गुरुवार को कचहरी रोड, ओलंदगंज, लाइन बाजार, शाही पुल, चहारसू, कोतवाली समेत कई इलाकों में ऐसी बसें दिखीं।
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यातायात माह नवंबर में सड़क सुरक्षा समिति की हुई बैठक में जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने जाम लगने का कारण पूछा तो यातायात पुलिस के अधिकारियों ने स्कूल की बड़ी बसों को भी एक कारण बताया। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक बसें शहर में जब बच्चों को छोड़ने और लेने आती हैं तो पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। ऐसे में स्कूल संचालक छोटी बसों को बच्चों को लेने के लिए भेजें। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस ने शहर एवं आसपास के 50 स्कूलों को नोटिस दिया था। कुछ स्कूल संचालकों ने दो माह का समय मांगा और कुछ स्कूल के संचालक यातायात पुलिस के अधिकारियों को धमकाने लगे। इसकी वजह से कार्रवाई ठप हो गई। इधर, यातायात पुलिस ने सेंट पैट्रिक स्कूल की बड़ी बसों को शहर में आने से रोक दिया है। प्रश्न यह है कि कार्रवाई सिर्फ एक स्कूल के लिए ही क्यों की जा रही है। अन्य के साथ नरमी बरतने की वजह क्या है। यातायात प्रभारी विजय प्रताप सिंह का कहना है कि 20 से अधिक गाड़ियों का चालान किया गया है। कई स्कूल संचालकों ने समय मांगा है। 15 दिन के अंदर उनकी ओर से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
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यातायात व्यवस्था को बनाए रखने का निर्देश यातायात पुलिस को दिया गया है। इसमें स्कूल संचालकों को भी सहयोग करना चाहिए। बच्चे जाम में बड़ी बसों की वजह से फंसकर परेशान होते हैं। - दिनेश पाल सिंह, डीआईजी/एसपी
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