उरई। ऑनलाइन टीचिंग के बाद अब बच्चों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए सांस्कृतिक क्रियाकलाप को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत सुबह प्रार्थना और योगा तो अपराह्न में शारीरिक शिक्षा की गतिविधियां होंगी। इसे लेकर शनिवार को डीआईओएस कार्यालय में रणनीति बनाई गई।
डीआईओएस ने बताया कि आनलाइन टीचिंग का काम 20 अप्रैल से शुरू हो गया है। अब जरूरी है कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक गतिविधियां भी संचालित हो। इसके तहत 27 अप्रैल से सुबह 7.45 बजे प्रार्थना और योग की आनलाइन गतिविधियां होगी। बच्चे घर पर रहकर प्रार्थना और योग करेंगे और उसका वीडियो व्हाट्सएप के जरिए अपलोड करेंगे। जबकि दोपहर एक बजे शारीरिक शिक्षा की गतिविधियां होगी, जिसका वीडियो प्रधानाचार्यों के माध्यम से जिला मानीटरिंग सेल तक भेजा जाएगा। उसी के आधार पर समीक्षा होगी। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।