Jalaun: बारिश से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, ग्रामीणों को सता रही चिंता
बाढ़ की आशंका के चलते यमुना पट्टी के किनारे बसे गांवों के बाशिंदों में दहशत है। कई जगहों पर यमुना किनारे की सब्जी की फसलें डूब गई है। यमुना के घाटों की सीढियां भी डूब गई हैं। यमुना पट्टी के गांवों के ग्रामीणों को यमुना के किनारों से ऊंचाई वाली जगहों पर रहने के निर्देश दिए गए है।
प्रशासन ने लोगों से यमुना नदी से दूर रहने की अपील की है। अफसरों कि बताया कि क्षेत्र की छह बाढ़ राहत चौकियां अलर्ट है। जल आयोग कार्यालय से हर घंटे की रिपोर्ट मंगाई जा रही है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। लेखपालों को बाढ़ प्रभावित गांवों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल अभी यमुना खतरे के निशान से लगभग 6 मीटर नीचे है।
बुधवार को दिन में तीन बजे जलस्तर-102.18 मीटर
अलर्ट का निशान-107 मीटर
खतरे का निशान-108 मीटर
पहुज नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में भय
बरसात के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। नदियापार के कुसेपुरा गांव से होकर गुजरने वाली पहुज नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा हैं। ग्रामीण रवि, महेश, अर्जुन, ठकुरी, जितेंद्र सिंह आदि ने कहा कि रात से अब तक नदी के पानी मे दो फिट की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल प्रशासन की नजरें भी नदियों के बढ़ते जलस्तर पर लगी है। थाना प्रभारी राजीव ने कहा कि नदियों के जलस्तर पर नजर हैं। (संवाद)
बेतवा में भी बढ़ा पानी
बेतवा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। मुहाना स्थित बाढ़ राहत चौकी पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि दो दिन लगातार जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल बेतवा का जलस्तर 114.89 मीटर पर है। खतरे का निशान 122 मीटर पर है। लोगों को अलर्ट कर दिया गया है।