{"_id":"a48fa7c65a511cee9099a881b0462290","slug":"written-agreement-considered-contract-workers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लिखित समझौते पर माने संविदाकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लिखित समझौते पर माने संविदाकर्मी
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईपीएफ की मांग को लेकर आठ दिन से कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे बिजली
विज्ञापन
संविदाकर्मियों की आखिरकार जीत हो गई। आंदोलन से दबाव में आए विभागीय
अधिकारी शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों की हर मांग पूरी
होने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि 15 दिन में सभी कर्मचारियों को पांच
साल के ईपीएफ की स्लिप मिल जाएगी। साथ ही
संविदाकर्मी पर दर्ज हुई बिजली चोरी की एफआईआर भी वापस ले ली जाएगी। इसके बाद संविदाकर्मी मान गए और उन्होंने आंदोलन खत्म करने का एलान कर दिया। जिले के बिजली संविदाकर्मियों को वर्ष 2010 से ईपीएफ नहीं मिला है। अपने इस हक के लिए दो जनवरी से संविदाकर्मी हड़ताल पर चले गए थे। उन्होंने कालपी रोड स्थित सब डिवीजन कार्यालय में
धरना शुरू कर दिया था। सात दिन तक चले धरने के बाद आठवें दिन बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद, एक्सईएन तरनवीर सिंह, एसडीओ अजय कुमार आदि धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी जो भी मांगें हैं उन्हें 15 दिनों के अंदर पूरा कर दिया जाएगा।
इस समय अवधि में उन्हें पांच साल के ईपीएफ की स्लिप दे दी जाएगी। आंदोलन के दौरान संविदाकर्मी राजेश याज्ञिक के खिलाफ दर्ज कराए गए बिजली चोरी की रिपोर्ट को भी वापस ले लिया जाएगा। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद संविदाकर्मी शांत हुए और उन्होंने आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी। शनिवार की शाम से संविदाकर्मी फिर से अपने काम पर लौट आए।
इस मौके पर संविदाकर्मी नीलकंठ राजे, ओमकार सिंह, ध्यान चंद्र, रामप्रकाश, राजेश पाल, मुन्ना लाल, भगत सिंह, राजेश कुमार, भगवानदास, निजामउद्दीन, हाकिम सिंह, शेर खान, राजेश कुमार याज्ञिक, सुनील कुमार, नफीस अहमद, राजेश राठौर, अरविंद सोनी आदि मौजूद रहे।
संविदाकर्मी पर दर्ज हुई बिजली चोरी की एफआईआर भी वापस ले ली जाएगी। इसके बाद संविदाकर्मी मान गए और उन्होंने आंदोलन खत्म करने का एलान कर दिया। जिले के बिजली संविदाकर्मियों को वर्ष 2010 से ईपीएफ नहीं मिला है। अपने इस हक के लिए दो जनवरी से संविदाकर्मी हड़ताल पर चले गए थे। उन्होंने कालपी रोड स्थित सब डिवीजन कार्यालय में
धरना शुरू कर दिया था। सात दिन तक चले धरने के बाद आठवें दिन बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद, एक्सईएन तरनवीर सिंह, एसडीओ अजय कुमार आदि धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी जो भी मांगें हैं उन्हें 15 दिनों के अंदर पूरा कर दिया जाएगा।
इस समय अवधि में उन्हें पांच साल के ईपीएफ की स्लिप दे दी जाएगी। आंदोलन के दौरान संविदाकर्मी राजेश याज्ञिक के खिलाफ दर्ज कराए गए बिजली चोरी की रिपोर्ट को भी वापस ले लिया जाएगा। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद संविदाकर्मी शांत हुए और उन्होंने आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी। शनिवार की शाम से संविदाकर्मी फिर से अपने काम पर लौट आए।
इस मौके पर संविदाकर्मी नीलकंठ राजे, ओमकार सिंह, ध्यान चंद्र, रामप्रकाश, राजेश पाल, मुन्ना लाल, भगत सिंह, राजेश कुमार, भगवानदास, निजामउद्दीन, हाकिम सिंह, शेर खान, राजेश कुमार याज्ञिक, सुनील कुमार, नफीस अहमद, राजेश राठौर, अरविंद सोनी आदि मौजूद रहे।