{"_id":"60df59f48ebc3e9eb00d9bc9","slug":"weather-village-water-electric-cold-orai-news-knp6379077148","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी में बाशिंदों की परेशानी, बिजली और पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी में बाशिंदों की परेशानी, बिजली और पानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। उमसभरी गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ रहा हैं। कहीं खराब हैंडपंप की समस्या तो कहीं जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। कहीं पानी की टंकिया ठूंठ खड़ी है तो कहीं बिजली की कटौती के चलते पानी के लिए हायतौबा है। पानी के लिए लोगों को चलताऊ हैंडपंपों की तलाश मेें भटकना पड़ता है। जहां पानी की टंकी है और पाइप लाइन भी बिछी है तो वहां बिजली की आवाजाही परेशानी का कारण बनी है। जिसके चलते इस साल भी पानी की परेशानी जस की तस है। इलाकाई बाशिंदों का कहना है कि कई शिकायतें की गई लेकिन न पानी की स्थिति सुधर रही है और न बिजली की। जलसंस्थान के अधिकारियों का कहना है कि खराब हैंडपंपों की सूची मिली है। जल्द ही उन्हें ठीक कराया जाएगा। रही बात जलस्तर की तो उसके लिए बारिश का इंतजार करना पड़ सकता है। प्रस्तुत है पेयजल संकट पर आधारित एक रिपोर्ट-
--
ऊंचाई वाले स्थानों पर नहीं पहुंचता पानी
कालपी। नगर के कुछ इलाके जैसे मिर्जा मंडी, दमदमा और टरननगंज आदि ऐसे हैं जो काफी ऊंचाई पर बसे हैं। इन मोहल्लों में पानी सप्लाई टैंक के माध्यम से होती है। आलम यह है कि इन दिनों बिजली की अंधाधुंध कटौती के कारण टैंक ठीक से भर नहीं पाता है। जिस कारण ऊंचाई तक पानी भी नहीं पहुंच पाता है। इलाकाई देवेंद्र खन्ना, सरोज, वहीदा आदि का कहना है कि घरों तक पानी न पहुंचने से नीचे जाकर दूसरे मोहल्लों से पानी लेकर ऊपर आना पड़ता है। जिससे काफी दिक्कतें होती है।
--
कर्मचारियों की मनमानी बनी परेशानी
माधौगढ़। कस्बा में पेयजल आपूर्ति को लेकर पांच लाख एवं दो लाख लीटर की क्षमता वाली दो टंकिया टंकी है। जिन्हें भरने के लिए पांच ट्यूबवेल हैं। जलसंस्थान के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते टंकी में पानी नहीं भर पा रहा है। क्षेत्र निवासी लक्ष्मी कांत सोनी, रामकुमार, योगेश गुप्ता, दीपू गुप्ता, मोहित गुप्ता, आदि ने बताया कि जल संस्थान के कर्मचारी बिजली होने के बाद भी टंकी नही भरते हैं। दुकानदारों का आरोप है कि लक्ष्मनपुरा वाली टंकी पानी से भरी नही जाती है। इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
----------
पानी ढोना ग्रामीणों की मजबूरी
कदौरा। ब्लॉक के गांव परौसा व उकुरवा में खराब हैंडपंप के कारण इन दिनों भीषण पानी का संकट है। जिस कारण ग्रामीणों को दूरदराज से पानी साइकिल, रिक्शे में ढोकर लाना पड़ रहा है। उकुरवा के ग्रामीण सुधाकर, मंझोले के मुताबिक सुबह सबसे पहला काम साइकिल उठाकर पानी भरने का होता है। वहीं परौसा गांव में इक्का दुक्का लोगों ने हैंडपंपों में सबमर्सिबल डाल रखी है। जिसकी सप्लाई चालू होते ही गांव की महिलाएं और बच्चे पानी भरने के लिए दौड़ पड़ते हैं। यहां भी चलताऊ से अधिक खराब हैंडपंप हैं।
विज्ञापन
--
ऊंचाई वाले स्थानों पर नहीं पहुंचता पानी
कालपी। नगर के कुछ इलाके जैसे मिर्जा मंडी, दमदमा और टरननगंज आदि ऐसे हैं जो काफी ऊंचाई पर बसे हैं। इन मोहल्लों में पानी सप्लाई टैंक के माध्यम से होती है। आलम यह है कि इन दिनों बिजली की अंधाधुंध कटौती के कारण टैंक ठीक से भर नहीं पाता है। जिस कारण ऊंचाई तक पानी भी नहीं पहुंच पाता है। इलाकाई देवेंद्र खन्ना, सरोज, वहीदा आदि का कहना है कि घरों तक पानी न पहुंचने से नीचे जाकर दूसरे मोहल्लों से पानी लेकर ऊपर आना पड़ता है। जिससे काफी दिक्कतें होती है।
विज्ञापन
--
कर्मचारियों की मनमानी बनी परेशानी
माधौगढ़। कस्बा में पेयजल आपूर्ति को लेकर पांच लाख एवं दो लाख लीटर की क्षमता वाली दो टंकिया टंकी है। जिन्हें भरने के लिए पांच ट्यूबवेल हैं। जलसंस्थान के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते टंकी में पानी नहीं भर पा रहा है। क्षेत्र निवासी लक्ष्मी कांत सोनी, रामकुमार, योगेश गुप्ता, दीपू गुप्ता, मोहित गुप्ता, आदि ने बताया कि जल संस्थान के कर्मचारी बिजली होने के बाद भी टंकी नही भरते हैं। दुकानदारों का आरोप है कि लक्ष्मनपुरा वाली टंकी पानी से भरी नही जाती है। इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
----------
पानी ढोना ग्रामीणों की मजबूरी
कदौरा। ब्लॉक के गांव परौसा व उकुरवा में खराब हैंडपंप के कारण इन दिनों भीषण पानी का संकट है। जिस कारण ग्रामीणों को दूरदराज से पानी साइकिल, रिक्शे में ढोकर लाना पड़ रहा है। उकुरवा के ग्रामीण सुधाकर, मंझोले के मुताबिक सुबह सबसे पहला काम साइकिल उठाकर पानी भरने का होता है। वहीं परौसा गांव में इक्का दुक्का लोगों ने हैंडपंपों में सबमर्सिबल डाल रखी है। जिसकी सप्लाई चालू होते ही गांव की महिलाएं और बच्चे पानी भरने के लिए दौड़ पड़ते हैं। यहां भी चलताऊ से अधिक खराब हैंडपंप हैं।