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बारिश से भीगा खरीद केंद्रों का गेहूं
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जालौन। नवीन गल्ला मंडी में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों पर नियमित उठान न होने खरीदा हुआ गेहूं टिन शेड के बाहर रखा है। सोमवार की रात हुई बारिश में गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले में रखा क्विंटलों गेंहू बर्बाद हो गया। उठान न होने से केंद्र प्रभारी किसानों का गेहूं खरीदने में आनाकानी कर रहे हैं।
किसानों का गेहूं एमएसपी की दर पर खरीदने के लिए नवीन गल्ला मंडी में 11 केंद्र खोले गए हैं। शुरू में तो केंद्रों पर नियमित खरीद होने से व्यवस्थाएं ठीक चलीं। पर जब नियमित उठान नहीं हुआ तो नीलामी चबूतरा पूरा गेहूं की बोरियों से भर गया। जगह न होने पर केंद्र प्रभारियों ने गेहूं को खुले में रखना शुरू कर दिया। उठान धीमी होने से केंद्रों के बाहर भी जगह भर गई। ऐसे में केंद्र संचालक उठान एवं जगह न होने की बात कहकर किसानों का गेहू ंखरीदने में आनाकानी कर रहे हैं। हालात यह है कि टोकन पर दर्ज तारीख के 15-20 दिनों बाद भी किसानों का नंबर नहीं आ रहा है।
उधर, खुले में रखा गेहूं भी मौसम खराब होने की वजह से बर्बाद होता नजर आ रहा है। हालांकि केंद्र प्रभारियों ने बारिश से गेहूं को बचाने लिए पन्नी डाल रखी है। फिर भी क्विंटलों गेहूं बाहर पड़ा है। इसके अलावा नीचे रखी बोरियां भी भीगने से नहीं बच पाती हैं। सोमवार की रात हुई बारिश में गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले में रखा क्विंटलों गेंहू बर्बाद हो गया। नीचे की ओर रखी बोरियों में अंदर तक पानी भरा हुआ नजर आया। यह स्थिति तब है जबकि रात में बहुत अधिक बारिश नहीं हुई। सिर्फ रिमझिम बारिश होती रही। कहीं तेज बारिश होती है तो क्या हालत होती समझा जा सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए केंद्र प्रभारियों ने गेहूं की नियमित उठान कराने की मांग की है।
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किसानों का गेहूं एमएसपी की दर पर खरीदने के लिए नवीन गल्ला मंडी में 11 केंद्र खोले गए हैं। शुरू में तो केंद्रों पर नियमित खरीद होने से व्यवस्थाएं ठीक चलीं। पर जब नियमित उठान नहीं हुआ तो नीलामी चबूतरा पूरा गेहूं की बोरियों से भर गया। जगह न होने पर केंद्र प्रभारियों ने गेहूं को खुले में रखना शुरू कर दिया। उठान धीमी होने से केंद्रों के बाहर भी जगह भर गई। ऐसे में केंद्र संचालक उठान एवं जगह न होने की बात कहकर किसानों का गेहू ंखरीदने में आनाकानी कर रहे हैं। हालात यह है कि टोकन पर दर्ज तारीख के 15-20 दिनों बाद भी किसानों का नंबर नहीं आ रहा है।
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उधर, खुले में रखा गेहूं भी मौसम खराब होने की वजह से बर्बाद होता नजर आ रहा है। हालांकि केंद्र प्रभारियों ने बारिश से गेहूं को बचाने लिए पन्नी डाल रखी है। फिर भी क्विंटलों गेहूं बाहर पड़ा है। इसके अलावा नीचे रखी बोरियां भी भीगने से नहीं बच पाती हैं। सोमवार की रात हुई बारिश में गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले में रखा क्विंटलों गेंहू बर्बाद हो गया। नीचे की ओर रखी बोरियों में अंदर तक पानी भरा हुआ नजर आया। यह स्थिति तब है जबकि रात में बहुत अधिक बारिश नहीं हुई। सिर्फ रिमझिम बारिश होती रही। कहीं तेज बारिश होती है तो क्या हालत होती समझा जा सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए केंद्र प्रभारियों ने गेहूं की नियमित उठान कराने की मांग की है।
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