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Jalaun News: बाढ़ के दर्द संग शुरू करनी होगी नई जिंदगी, रोजगार बड़ा संकट

Tue, 17 Sep 2024 03:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Tue, 17 Sep 2024 03:08 AM IST
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We will have to start a new life with the pain of floods, employment is a big crisis
उरई। यमुना, बेतवा और पहूच नदी का पानी कम होने से अब बर्बादी की तस्वीर साफ दिखने लगी है। करीब तीन दिन बाढ़ और बारिश के पानी ने जिले के करीब 70 गांव को प्रभावित किया था। करीब बीस गांव डूब गए थे। प्रशासन की माने तो करीब दस हजार की आबादी प्रभावित हुई है। जिसमें से 32 लोगों ने अपना आशियाना खो दिया है। बाढ़ घटने के बाद लोग तिनकों का रखकर फिर से सिर छुपाने की जुगाड़ करने लगे हैं।
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जिले में चार दिन पहले कोंच, कालपी, माधौगढ़, रामपुरा क्षेत्र में बाढ़ का प्रकोप देखने को मिला था। धीरे धीरे स्थिति सामान्य होने की ओर है। इसके बाद भी प्रशासन लगातार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लगा है। करीब तीस हजार लोगों को खाना दिया गया है। दो हजार के करीब बाढ़ किटें वितरित की जा चुकी हैं। बाढ़ से करीब 10-12 हजार की जनसंख्या प्रभावित है।
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एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि जितने भी गांव प्रभावित हैं। उनमें मेडिकल की टीम तैनात हैं। 300 लोगों का इलाज किया गया है। 2200 लोगों को मेडिकल किट वितरण की जा चुकी है। पशुओं के लिए 133 क्विंटल भूसा बांटा जा चुका है। 785 पशुओं का टीकाकरण, 550 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। राहत साम्रगी वितरित की जा चुकी है। इसके बाद भी एसडीएम स्तर से अधिकारी लगे हुए हैं। जो गांव पर नजर रखे हुए हैं। जिनके मकान गिर गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उनके सर्वे करवाकर मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही है।
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बाढ़ का पानी उतरा, अब दोबारा जिंदगी शुरू करने की जद्दोजहद

कोंच क्षेत्र में सबसे अधिक बाढ़ का प्रकोप देखने को मिला था। करीब बीस गांव में बाढ़ का पानी घुसा था। पानी तो चला गया लेकिन 2150 एकड़ भूमि की फसल प्रभावित कर गया। अधिकतर किसान फसलों पर ही निर्भर थे। जिले के अंदर करीब दस हजार आबादी की गृहस्थी पूरी तरह चौपट हो गई। जिसके चलते अब नई जिंदगी शुरू करने के लिए खाने से लेकर रोजगार की तलाश करनी होगी। जो एक बड़ा संकट लोगों के लिए बना हुआ है। लोगों का कहना है कि राहत सामग्री तो कुछ दिनों तक चलने वाली है। लेकिन इतने जल्दी रोजगार से लेकर आशियानों को फिर खड़ा कर पाना बड़ा मुश्किल काम होगा।




7.76 लाख की धनराशि आवासों के लिए स्वीकृत

बाढ़ के पानी ने कई घरों को क्षतिग्रस्त किया तो कई घरों को जमींदोज कर दिया। करीब 32 घर गिर गए। पीड़ितों के मदद का मरहम लगाने के लिए प्रशासन की तरफ से 7.76 लाख स्वीकृत किए गए हैं। रामपुरा के ग्राम डिकौली जागीर में विधायक मूलचंद्र निरंजन ने बाढ़ पीड़ित लोगों राहत किट वितरण की। विधायक ने 200 किट वितरण करते हुए कहा कि अधिकतर फसल नष्ट हो चुकी है। इसके लिए सीएम से जल्द मिलकर मुआवजा और बाढ़ से स्थायी राहत की मांग करेंगे।
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