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गोशाला न होने पर गुस्साए ग्रामीण, जानवरों को लाकर लगाया जाम
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किसानों से बात करते एसडीएम व सीओ
- फोटो : ORAI
माधौगढ़ (जालौन)। क्षेत्र में गोशाला न होने से परेशान खकसीस, रूरा व कमसेरा के किसानों का सब्र का बांध फूट पड़ा। आक्रोशित किसान गुरुवार सुबह दो सैकड़ा अन्ना मवेशियों को हांकते हुए बंगरा जालौन मार्ग लाए और जाम लगाकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर एसडीएम, सीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जाम खुलवाने को लेकर प्रशासन व किसानों के बीच काफी नोक झोंक भी हुई। इसके बाद एसडीएम ने किसानों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। एसडीएम ने बीडीओं को निर्देश दिए कि दो दिन के अंदर क्षेत्र में गोशालाओं का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों की समस्या का समाधान हो सके। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
बता दें कि क्षेत्र में करीब 200 जानवर हैं, जो आए दिन क्षेत्र के किसानों की फसल नष्ट कर देते हैं। कई बार इन जानवरों को एक दूसरे के गांव में हांकने को लेकर भी ग्रामीणों में विवाद हो चुका है। अन्ना समस्या से आक्रोशित किसानों ने गुरुवार सुबह करीब दस बजे बंगरा जालोन रोड पर डेढ़ सैकड़ा अन्ना पशुओं को हांककर लाने के बाद मुख्य मार्ग को जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक राहगीर जाम के झाम से जूझते रहे। किसान धनलाल, भूपेंद्र सिह, दीपेंद्र कुमार, रमेश महंत, सुभाष दुबे, संजीव पांडेय, गोपाल जी, भगवान सिह, अतुल, श्याम आदि किसानों का कहना है कि कई बार क्षेत्र में गोशाला की मांग कर चुके है, लेकिन किसी ने भी किसानों की सुध नहीं ली। गोशाला न होने से अन्ना मवेशी फसलों को चट कर रहे है।
आए दिन अन्ना जानवरों को लेकर विवाद भी हो रहे है, लेकिन किसी भी प्रशासन अधिकारी ने सुध नहीं ली। जाम की सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीएम सालिकराम, सीओ राहुल पांडे, बीडीओ संदीप कुमार, बीडीओ नदीगांव दीपक कुमार, कोतवाल जेपी पाल माधौगढ़ आदि फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अन्ना समस्या के निस्तारण की मांग पर अड़ गए। इस पर एसडीएम ने मौके पर ही नदीगांव बीडीओ दीपक कुमार व सचिव रोहित कुमार से दो दिन के अंदर गोशाला बनवाने के निर्देश दिए। फिलहाल इन पशुओं को तीन हिस्सों में बांटकर तीनों गांवों में रखा जाएगा। दो दिन बाद उन्हें अस्थायी गोशाला में रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे के आसपास किसानों ने जाम हटाया।
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जानवरों को रखने को लेकर भी भिड़े ग्रामीण
प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान आधी-आधी संख्या के मवेशी रखने को लेकर मान गए और जाम खोल दिया था, लेकिन कुछ देर के बाद रूरा, कमसेरा के किसानों ने अन्ना जानवरों को गांव क्षेत्र में रखने से मना कर दिया। जिससे एक बार फिर अमखेडा़ व रूरा कमसेरा के किसानों में नोकझोंक हो गई। सूचना मिलते ही सीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया।
12 बीघा फसल नष्ट करने का आरोप
अमखेडा प्रधान रामशरन दोहलिया का कहना है कि रूरा कमसेरा के किसान मंगलवार रात को एक सैकड़ा अन्ना पशुओं को अमखेड़ा की सीमा में हांक गए। जिससे अन्ना मवेशियों ने क्षेत्र के किसानों की 12 बीघा की फसल नष्ट कर दी। इसमें रमाकांत उदैनिया की तीन, महते पाल की पांच, अशोक कुमार की चार बीघा में खडी़ मटर की फ सल चट कर गए है। उन्होंने मुआवजे की मांग की। प्रधान का कहना है कि गांव में एक गोशाला है जिसमें गांव के ही अन्ना मवेशी बंद है, लेकिन क्षमता से अधिक मवेशी होने के बाद भी आसपास के किसान गोशाला में जबरन जानवर लेकर पहुंचते है। इस पर भी रोक लगाई जाए।
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बता दें कि क्षेत्र में करीब 200 जानवर हैं, जो आए दिन क्षेत्र के किसानों की फसल नष्ट कर देते हैं। कई बार इन जानवरों को एक दूसरे के गांव में हांकने को लेकर भी ग्रामीणों में विवाद हो चुका है। अन्ना समस्या से आक्रोशित किसानों ने गुरुवार सुबह करीब दस बजे बंगरा जालोन रोड पर डेढ़ सैकड़ा अन्ना पशुओं को हांककर लाने के बाद मुख्य मार्ग को जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक राहगीर जाम के झाम से जूझते रहे। किसान धनलाल, भूपेंद्र सिह, दीपेंद्र कुमार, रमेश महंत, सुभाष दुबे, संजीव पांडेय, गोपाल जी, भगवान सिह, अतुल, श्याम आदि किसानों का कहना है कि कई बार क्षेत्र में गोशाला की मांग कर चुके है, लेकिन किसी ने भी किसानों की सुध नहीं ली। गोशाला न होने से अन्ना मवेशी फसलों को चट कर रहे है।
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आए दिन अन्ना जानवरों को लेकर विवाद भी हो रहे है, लेकिन किसी भी प्रशासन अधिकारी ने सुध नहीं ली। जाम की सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीएम सालिकराम, सीओ राहुल पांडे, बीडीओ संदीप कुमार, बीडीओ नदीगांव दीपक कुमार, कोतवाल जेपी पाल माधौगढ़ आदि फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अन्ना समस्या के निस्तारण की मांग पर अड़ गए। इस पर एसडीएम ने मौके पर ही नदीगांव बीडीओ दीपक कुमार व सचिव रोहित कुमार से दो दिन के अंदर गोशाला बनवाने के निर्देश दिए। फिलहाल इन पशुओं को तीन हिस्सों में बांटकर तीनों गांवों में रखा जाएगा। दो दिन बाद उन्हें अस्थायी गोशाला में रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे के आसपास किसानों ने जाम हटाया।
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जानवरों को रखने को लेकर भी भिड़े ग्रामीण
प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान आधी-आधी संख्या के मवेशी रखने को लेकर मान गए और जाम खोल दिया था, लेकिन कुछ देर के बाद रूरा, कमसेरा के किसानों ने अन्ना जानवरों को गांव क्षेत्र में रखने से मना कर दिया। जिससे एक बार फिर अमखेडा़ व रूरा कमसेरा के किसानों में नोकझोंक हो गई। सूचना मिलते ही सीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया।
12 बीघा फसल नष्ट करने का आरोप
अमखेडा प्रधान रामशरन दोहलिया का कहना है कि रूरा कमसेरा के किसान मंगलवार रात को एक सैकड़ा अन्ना पशुओं को अमखेड़ा की सीमा में हांक गए। जिससे अन्ना मवेशियों ने क्षेत्र के किसानों की 12 बीघा की फसल नष्ट कर दी। इसमें रमाकांत उदैनिया की तीन, महते पाल की पांच, अशोक कुमार की चार बीघा में खडी़ मटर की फ सल चट कर गए है। उन्होंने मुआवजे की मांग की। प्रधान का कहना है कि गांव में एक गोशाला है जिसमें गांव के ही अन्ना मवेशी बंद है, लेकिन क्षमता से अधिक मवेशी होने के बाद भी आसपास के किसान गोशाला में जबरन जानवर लेकर पहुंचते है। इस पर भी रोक लगाई जाए।

माधौगढ़ में जाम लगाए खड़े किसान- फोटो : ORAI

माधौगढ़ में सड़क पर खड़े अन्ना मवेशी- फोटो : ORAI