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सूदखोर से परेशान किसान ने फंदा लगाकर जान दी
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उरई/कोंच। कैलिया थाना क्षेत्र के ब्यौना राजा गांव निवासी एक किसान ने सूदखोर से परेशान होकर मंगलवार की सुबह खेत में लगे बबूल के पेड़ पर फांसी लगा ली। परिजनों ने जब उसके शव को फंदे पर लटका देखा तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उतरवाकर जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल परिजनों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी हैं।
कैलिया थाना क्षेत्र के ब्यौैना राजा गांव निवासी सूरज सिंह (35) किसानी करता था। मंगलवार की सुबह उसका शव गांव के बाहर हरिमोहन के खेत में लगे बबूल के पेड़ में लटका मिला। भाई मुकेश ने बताया कि उसके भाई ने गांव के ही एक युवक से एक साल के लिए 50 हजार रुपये लिए थे। ब्याज मिलाकर कर्ज की रकम 70 हजार रुपये हो गई थी। साल भर पूरा होने से पहले ही वह युवक सोमवार को घर आया और रुपये मांगे। इस दौरान भाई से अभद्रता भी की। जब उसे रुपये नहीं मिले तो वह ट्रैक्टर लेकर चला गया। मुकेश ने बताया कि उसका भाई 40 हजार रुपये मौके पर दे रहा था। शेष रुपये के लिए कुछ दिन के लिए मोहलत मांग रहा था, पर युवक ने नहीं सुनी। इस बात से परेशान होकर भाई ने मंगलवार की सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। मुकेश ने बताया कि जब भाई घर पर नहीं दिखा तो उसने खोजबीन शुरू की। काफी खोजने के बाद उसका शव हरिमोहन के खेत पर लटका मिला। अभी शादी नहीं हुई थी। तीन भाई एक बहन में वह सबसे बड़ा था। पिता परशुराम, मां प्रकाशी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष अखिलेश द्विवेदी का कहना है कि मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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कैलिया थाना क्षेत्र के ब्यौैना राजा गांव निवासी सूरज सिंह (35) किसानी करता था। मंगलवार की सुबह उसका शव गांव के बाहर हरिमोहन के खेत में लगे बबूल के पेड़ में लटका मिला। भाई मुकेश ने बताया कि उसके भाई ने गांव के ही एक युवक से एक साल के लिए 50 हजार रुपये लिए थे। ब्याज मिलाकर कर्ज की रकम 70 हजार रुपये हो गई थी। साल भर पूरा होने से पहले ही वह युवक सोमवार को घर आया और रुपये मांगे। इस दौरान भाई से अभद्रता भी की। जब उसे रुपये नहीं मिले तो वह ट्रैक्टर लेकर चला गया। मुकेश ने बताया कि उसका भाई 40 हजार रुपये मौके पर दे रहा था। शेष रुपये के लिए कुछ दिन के लिए मोहलत मांग रहा था, पर युवक ने नहीं सुनी। इस बात से परेशान होकर भाई ने मंगलवार की सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। मुकेश ने बताया कि जब भाई घर पर नहीं दिखा तो उसने खोजबीन शुरू की। काफी खोजने के बाद उसका शव हरिमोहन के खेत पर लटका मिला। अभी शादी नहीं हुई थी। तीन भाई एक बहन में वह सबसे बड़ा था। पिता परशुराम, मां प्रकाशी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष अखिलेश द्विवेदी का कहना है कि मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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