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- माधौगढ़ क्षेत्र के पांच पीएचसी, पर डॉक्टर एक
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माधौगढ़। तीसरी लहर के चलते सरकार काफी सतर्क है। वहीं दूसरी ओर माधौगढ़ क्षेत्र के पांच पीएचसी पर एक डॉक्टर है। क्षेत्र के सभी पीएचसी केंद्र बदहाल व्यवस्था में हैं। ऐसे में तीसरी लहर में लोगों को बचाना मुश्किल होगा।
बीहड़ क्षेत्र में ग्रामीणों को मामूली रोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की मंशा से क्षेत्र में पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले गए थे। पर डॉक्टर तैनात न होने से ग्रामीण परेशान है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोहन में डाक्टर की तैनाती नहीं की गई हैं। लंबे समय से अस्पताल फार्मासिस्ट जितेंद्र और वार्ड ब्वाय रमेश चला रहे थे। दो माह पहले फार्मासिस्ट जितेंद्र को उरई अटैच कर देने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। गोहन क्षेत्र में थाना, बैंक, बाजार सभी होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां रहते हैं। खांसी-जुकाम होने पर भी यहां के लोग झोलाछाप और शहर के अस्पतालों तक दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
इसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुरा में फार्मासिस्ट सीताराम कुशवाहा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मडोऱी में फार्मासिस्ट निशांत पचौरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरावन में फार्मासिस्ट प्रमोद के सहारे चल रहे हैं। कई बार इन पीएचसी से फार्मासिस्ट के अवकाश पर होने पर इन्हें वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मी तक मरीजों को देखकर दवाइयां दे देते हैं। सीएचसी प्रभारी डा रामेंद्र पचौरी ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर की तैनाती के लिए की मर्तबा मांग की जा चुकी हैं।
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एक मात्र सीएचसी जहां पर डॉक्टर है
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसा दोगढ़ी में ग्रामीण डाक्टर की मांग करने पर शासन ने आयुष डॉक्टर सरिता को तैनात किया है। अब यहां फार्मासिस्ट राघवेंद्र समेत दो लोग तैनात हैं।
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दंत चिकित्सक तो मिला पर उपकरण नहीं
माधौगढ़। सीएचसी माधौगढ़ में ग्रामीणों की मांग कर शासन ने एक साल पहले दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा की तैनाती की है। दंत विभाग से जुड़े उपकरण दंत एक्सरे मशीन, कुर्सी यहां तक कि कोई सामान नही हैं। दंत चिकित्सक अस्पताल आकर लौट जाते हैं। प्रभारी डॉ. रामेंद्र पचौरी का कहना हैं कि दंत चिकित्सक के आने के सात वर्ष पहले पूरा सामान दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया हैं। फिर से दंत चिकित्सक ने सीएमओ से उपकरण देने की मांग की हैं।
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बीहड़ क्षेत्र में ग्रामीणों को मामूली रोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की मंशा से क्षेत्र में पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले गए थे। पर डॉक्टर तैनात न होने से ग्रामीण परेशान है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोहन में डाक्टर की तैनाती नहीं की गई हैं। लंबे समय से अस्पताल फार्मासिस्ट जितेंद्र और वार्ड ब्वाय रमेश चला रहे थे। दो माह पहले फार्मासिस्ट जितेंद्र को उरई अटैच कर देने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। गोहन क्षेत्र में थाना, बैंक, बाजार सभी होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां रहते हैं। खांसी-जुकाम होने पर भी यहां के लोग झोलाछाप और शहर के अस्पतालों तक दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
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इसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुरा में फार्मासिस्ट सीताराम कुशवाहा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मडोऱी में फार्मासिस्ट निशांत पचौरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरावन में फार्मासिस्ट प्रमोद के सहारे चल रहे हैं। कई बार इन पीएचसी से फार्मासिस्ट के अवकाश पर होने पर इन्हें वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मी तक मरीजों को देखकर दवाइयां दे देते हैं। सीएचसी प्रभारी डा रामेंद्र पचौरी ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर की तैनाती के लिए की मर्तबा मांग की जा चुकी हैं।
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एक मात्र सीएचसी जहां पर डॉक्टर है
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसा दोगढ़ी में ग्रामीण डाक्टर की मांग करने पर शासन ने आयुष डॉक्टर सरिता को तैनात किया है। अब यहां फार्मासिस्ट राघवेंद्र समेत दो लोग तैनात हैं।
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दंत चिकित्सक तो मिला पर उपकरण नहीं
माधौगढ़। सीएचसी माधौगढ़ में ग्रामीणों की मांग कर शासन ने एक साल पहले दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा की तैनाती की है। दंत विभाग से जुड़े उपकरण दंत एक्सरे मशीन, कुर्सी यहां तक कि कोई सामान नही हैं। दंत चिकित्सक अस्पताल आकर लौट जाते हैं। प्रभारी डॉ. रामेंद्र पचौरी का कहना हैं कि दंत चिकित्सक के आने के सात वर्ष पहले पूरा सामान दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया हैं। फिर से दंत चिकित्सक ने सीएमओ से उपकरण देने की मांग की हैं।