उरई। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति की बैठक विकास भवन स्थित राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यालय पर हुई। इस दौरान कर्मचारियों ने नाराजगी जताई कि अधिकारी काम के लिए तो दबाव बनाते है। पर कर्मचारियों की फील्ड में होने वाली समस्याओं के निदान के लिए प्रयास नहीं करते है। इसको लेकर कर्मचारियों में रोष है।
कार्यकारी अध्यक्ष पवन तिवारी ने कहा कि अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद गोशाला में काम कर रहे श्रमिकों के भुगतान के लिए कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे श्रमिक नाराज है और काम करने में आनाकानी कर रहे हैं। अश्वनी गुबरेले व रमेश उदैनिया ने कहा कि सामुदायिक शौचालय बनाने वाले श्रमिकों को मनरेगा से अब तक भुगतान नहीं हुआ है। नरेंद्र तिवारी, प्रवीण रत्नम, मनोज गौतम ने कहा कि सामुदायिक शौचालय निर्माण के स्टीमेट में कहीं भी वाटर रिचार्ज पिट की स्थापना का उल्लेख नहीं है। बावजूद इसके अधिकारियों द्वारा इस कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हरीश राठौर, धीरेंद्र सिंह ने कहा कि गोवंश की प्राकृतिक मौत के बाद उसके निस्तारण के लिए कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। जिसकी वजह से कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अध्यक्षता कर रहे रामबिहारी ने कहा कि इन समस्याओं के निदान के लिए अधिकारियों से प्रतिनिधि मंडल मिलेगा और इसके लिए स्पष्ट आदेश पारित कराने की मांग करेगा। संचालन नौशाद अली ने किया। इस दौरान रामवरन सिंह, विनय स्वर्णकार, बुद्ध सिंह, मेहरबान सिंह, जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।