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सामुदायिक शौचालयों का नहीं मिल पा रहा लाभ
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जालौन। शासन के निर्देश पर ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण तो करा दिया गया है। अधिकांश गांवों में इन शौचालयों का उपयोग शुरू नहीं हो सका है। जिससे ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ब्लाक क्षेत्र में 62 ग्राम पंचायतें हैं। इस ग्राम पंचायतों में जो गांव ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। उन गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लगभग एक वर्ष से जारी निर्माण कार्य तो लगभग पूरा हो चुका है। इन सामुदायिक शौचालयों के संचालन के लिए लगभग सभी सामुदायिक शौचालयों में महिला समितियों के माध्यम से महिला कर्मियों को नियुक्ति भी कर दी गई है। जिन्हें 6000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाना है। लेकिन अभी तक इन सामुदायिक शौचालयों का संचालन शुरू नहीं हो सका। अधिकांश गांवों में सामुदायिक शौचालयों में ताला लटका नजर आ रहा है। इससे सरकार स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है। इतना ही नहीं सामुदायिक शौचालय का निर्माण होने के बावजूद लोगों को इसका लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालत यह है सामुदायिक शौचालय तक जाने वाले रास्ते में घास तक उग आई है। इस संदर्भ में एडीओ पंचायत महेश पाल ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। शीघ्र ही इनका संचालन भी शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानों को निर्देशित किया गया है। (संवाद)
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ब्लाक क्षेत्र में 62 ग्राम पंचायतें हैं। इस ग्राम पंचायतों में जो गांव ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। उन गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लगभग एक वर्ष से जारी निर्माण कार्य तो लगभग पूरा हो चुका है। इन सामुदायिक शौचालयों के संचालन के लिए लगभग सभी सामुदायिक शौचालयों में महिला समितियों के माध्यम से महिला कर्मियों को नियुक्ति भी कर दी गई है। जिन्हें 6000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाना है। लेकिन अभी तक इन सामुदायिक शौचालयों का संचालन शुरू नहीं हो सका। अधिकांश गांवों में सामुदायिक शौचालयों में ताला लटका नजर आ रहा है। इससे सरकार स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है। इतना ही नहीं सामुदायिक शौचालय का निर्माण होने के बावजूद लोगों को इसका लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालत यह है सामुदायिक शौचालय तक जाने वाले रास्ते में घास तक उग आई है। इस संदर्भ में एडीओ पंचायत महेश पाल ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। शीघ्र ही इनका संचालन भी शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानों को निर्देशित किया गया है। (संवाद)
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